राज्य के सरकारी दफ्तरों में 4 मई से कामकाज सामान्य रूप से शुरू हो सकता है

(रायपुर काकाखबरीलाल).
कोरोना संकट के बीच छत्तीसगढ़ में दो अच्छी खबरें आई हैं। कोरोना का हॉटस्पॉट बन चुके कोरबा में पिछले 10 दिनों में एक भी केस सामने नहीं आया है। राज्य के सरकारी दफ्तरों में 4 मई से कामकाज सामान्य रूप से शुरू हो सकता है। इसको लेकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मुख्य सचिव को निर्देश जारी कर दिए हैं। उनसे सभी कार्यालयों में सैनिटाइजेशन समेत अन्य व्यवस्थाएं करान के लिए कहा गया है। प्रदेश में अब तक कोरोना संक्रमण के 37 संक्रमित मरीज मिले। इनमें 32 ठीक हो चुके हैं। अब तक कोरबा जिले से 28, रायपुर 6 और दुर्ग, राजनांदगांव और बिलासपुर से एक-एक संक्रमित मिला। विधानसभा सचिवालय में कंट्रोल रूम बनाया गया है। यहां से सांसद और विधायक जनता को मदद पहुंचाने में भी सहायता करेंगे। लोग मोबाइल नंबर 9425202043, 9525508825 और 99907106479 या ई-मेल sicycgvs@rediffmail.com पर संपर्क कर सकते हैं। रायपुर कलेक्टरेट के सभी दफ्तरों में कामकाज शुरू हो गया है। हालांकि अभी आवेदन लेकर आने वाले लोगों की संख्या बेहद कम है। सभी दफ्तरों के बाहर सैनिटाइजर की बोतलें रख दी गई हैं। बिना मास्क लगाए और सैनिटाइजर से हाथ धोए बिना अंदर प्रवेश वर्जित है। प्रदेश के 28 जिलों से 14 हजार सैंपल जांच के लिए भेजे जा चुके हैं। इनमें सबसे अधिक 4 हजार कोरबा जिले से हैं। प्रदेश में मिले 37 संक्रमित में कोरबा से अकेले 28 मरीज हैं
कोरबा का कटघोरा कोरोना का हाॅटस्पॉट है। अगर तीन मई को लॉकडाउन खुलता है तो भी कटघोरा को राहत नहीं मिलेगी। लोगों को राहत देने के लिए सब्जी मार्केट खोलने के बजाय बेचने के लिए छूट दी गई है। कटघोरा में अंतिम कोरोना संक्रमित मरीज 17 अप्रैल को मिला था। इसके बाद इन 10 दिनों में भेजे गए 2 हजार सैंपल की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। कटघोरा में पुलिस जवानों और सफाईकर्मियों समेत जिन 950 लोगों का टेस्ट रैपिड किट से हुआ था, उनका दोबारा कराया जाएगा। प्रदेश में सबसे कम 73 सैंपल बीजापुर, 79 नारायणपुर और 90 मुंगेली से भेजे गए। जिलों में कोरोना संक्रमित मिले, उनमें रायपुर से 2600 सैंपल, दुर्ग से 1283, बिलासपुर से 579, राजनांदगांव से 437 सैंपल ही जांच के लिए भेजे गए।

























