कॉलेज स्टूडेंट्स के लिए बड़ी खबर, छत्तीसगढ़ में पहली बार सेमेस्टर परीक्षा में लागू हुआ ऑड-ईवन फॉर्मूला

काकाखबरीलाल/भिलाई:- हेमचंद यादव विश्वविद्यालय (Durg university) ने इस साल सेमेस्टर परीक्षा में ऑड-ईवन फॉर्मूला लागू कर दिया है। सेमेस्टर में एटीकेटी आने पर अब एक साल इंतजार करना होगा। इसमें भले ही विवि ने विद्यार्थियों को झटका दिया है, लेकिन छात्रों को लिए एक राहत भी दे दी है। अब पीजी की डिग्री को पूरा करने विद्यार्थियों को एक मौका और दिया जाएगा। अभी तक सेमेस्टर बैकलॉग को उत्तीर्ण करने दो मौके दिए जाते थे, जिसे हेमचंद विवि ने एक साल के लिए और बढ़ा दिया है।
पहले विवि में पीजी पूरी करने अधिकतम 4 साल यानी एन+2 (एन प्लस टू) दिया जाता था, जिसे बढ़ाकर 5 साल के लिए एन+3 (एन प्लस थ्री) किया गया है। इसका सबसे अधिक फायदा उन विद्यार्थियों के लिए होगा, जो विशेष परिस्थितियों की वजह से परीक्षा उत्तीर्ण नहीं कर पाते थे। इसके अलावा बीबीए कोर्स के विद्यार्थियों के लिए अलग से एक वर्ष मिल पाएगा, जिससे उनका सालभर व्यर्थ नहीं हो पाएगा। इस तरह निर्धारित अवधि में डिग्री पूरी कर पाएंगे।
इन परिस्थितियों में भी मिलेगा एक मौका
1. यदि विद्यार्थी के माता-पिता, दादा-दादी अन्य सगे रिश्तेदार की परीक्षा की तिथि से एक दिन पूर्व मृत्यु हो जाती है तो यह नियम लागू होगा।
2. यदि विद्यार्थी गंभीर रूप से बीमार है और परीक्षा शुरू होने से एक महीने पहले रोगों की शल्य क्रिया करवाता है तो उसके मामले में एक वर्ष की रियायत मिलेगी।
3. यदि विद्यार्थी स्वयं पक्षाघात से परीक्षा शुरू होने की स्थिति से परीक्षा लिखने लायक नहीं है तो एक वर्ष छूट मिलेगी।
4. यदि विद्यार्थी परीक्षा प्रारंभ होने 45 दिन पूर्व दुर्घटना का शिकार होता है तो यह नियम लागू होगा।
इन सभी स्थितियों में विद्यार्थियों को दस्तावेज सत्यायन के साथ विवि को सौंपने होंगे।
कॉलेजों को विवि के निर्देश जारी
हेमचंद विवि ने सभी संबद्ध कॉलेजों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि किसी भी ऐसे विद्यार्थी को प्रवेश नहीं दिए जाए जिसकी डिग्री प्राप्त करने की अवधि समाप्त हो गई है। इसी तरह एक्स स्टूडेंट्स के रूप में आगे इनके परीक्षा आवेदन भी स्वीकार नहीं किए जाएंगे। छूट सिर्फ विशेष परिस्थिति में दिए जाने का प्रावधान होगा। कुलपति हेमचंद विवि डॉ. अरूणा पल्टा ने बताया कि पहले सेमेस्टर परीक्षा के लिए एन+2 (एन प्लस टू) फॉर्मूला लागू होता रहा है, जिसमें बैकलॉग पूरा करने दो साल अतिरिक्त दिए जाते थे। इसे एक साल के लिए बढ़ाया गया है।

























