
रामकुमार नायक काका ख़बरीलाल रायपुर
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ को सफल बनाने सभी से किया आह्वान
गोल्डी लहरे।कोसीर- नगर के इतिहास में एक और पन्ना जुड़ रहा है जो कि क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है गौरतलब हो कि कोसीर के दूजे राम खरे शिक्षक का पूरा परिवार स्वास्थ्य के क्षेत्र में नई नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं जिसकी जितनी प्रशंसा की जाए कम है। वर्तमान में दूजे राम खरे का बड़ा पुत्र डॉ प्रभु दयाल खरे आयुष चिकित्सा अधिकारी,मंझले पुत्र डॉ के 0डी0खरे जनरल सर्जन, छोटा पुत्र डॉक्टर जी0डी0 खरे एमबीबीएस ,और पुत्री श्रीमती लीमा बौद्ध यूको बैंक के कैशियर मैं अपनी नाम दर्ज करा चुके हैं। साथ ही क्षेत्र को गौरवान्वित भी कर चुके हैं ,हाल ही में उनके मंझले पुत्र डॉक्टर के0 डी0खरे की पत्नी डॉ लीना पुराईंन खरे का चयन एम0डी0/एम0एस0 (स्त्री रोग विशेषज)की पढ़ाई के लिए शासकीय मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज नई दिल्ली में चयन हुआ है डॉ लीना पुराईंन खरे की प्रारंभिक शिक्षा मोना मॉडर्न सारंगढ़ में और एमबीबीएस की डिग्री शासकीय इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज नागपुर से पूरी हुई है तत्पश्चात नीट पीजी राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा 2017 -18 की परीक्षा में उन्होंने प्रथम प्रयास में ही ऑल इंडिया रैंक 6390 में अपना स्थान बनाया और आगे की पढ़ाई के लिए उनका चयन हो गया है गौरतलब हो कि इसके पूर्व भी डॉक्टर के0डी0 खरे जनरल सर्जन की पढ़ाई पूरी कर रहे हैं अब उनकी पत्नी सर्जन (स्त्री रोग विशेषज्ञ)की पढ़ाई करेंगी चर्चा के दौरान डॉक्टर लीना खरे ने बताया कि मैं अपने परिवार के साथ-साथ अपने समाज,क्षेत्र का नाम रोशन करूंगी मेरी इच्छा है कि पढ़ाई पूरी कर मास्टर डिग्री लेकर अपने इस पिछड़े ,दूरस्थ, क्षेत्र में रहकर गरीब ,दुखी जरूरतमंद ,और असहाय, लोगों की सेवा करूंगी जो सेवाएं महानगरों में मिलती है उसे सारंगढ़ जैसे क्षेत्र में लोगों को सरलता से उपलब्ध कराना और आम जनता की सेवा करना हमारा मुख्य उद्देश्य रहेगा डॉ लीना खरे ने सफलता का श्रेय अपने गुरुजन सपरिवार व अपनी मेहनत को दी है साथ ही उन्होंने समाज को एक बहुत बढ़िया मैसेज देते हुए कहा हमारा रायगढ़ जिला बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ को लेकर पूरे देश में रोल मॉडल साबित हुआ है साथ ही पुरस्कृत हुआ है जिसको हमें बरकरार रखना है और मैं सभी माता-पिता सेआग्रह करना चाहती हूं कि अपने बेटियों को बचाएं और उन्हें अच्छी शिक्षा दें संस्कार दें ताकि वह अच्छे मुकाम तक पहुंच सके।

























