
महामसुंद (काकाखबरीलाल) । कलेक्टर सुनील कुमार जैन की अध्यक्षता में आज समय-सीमा बैठक के उपरांत जिला स्तरीय समन्यव समिति की बैठक आयोजित की गई।
बैठक में तंबाकू नियंत्रण और नशा मुक्ति के विषय पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में बताया गया कि लोग क्यों तंबाकू की लत के शिकार हो रहे हैं। यह कितना खतरनाक और जानलेवा है और इससे कैसे छुटकारा पाया जा सकता है।
डीएलसीसी मीटिंग के दौरान चर्चा के बढ़ते क्रम में डीपीएम संदीप ताम्रकर ने विशेष तौर पर जिला तंबाकू नियंत्रण समिति के अंर्तगत आने वाले विभागों में पुलिस-प्रशासन के आला अफसरों सहित डीईओ को शिक्षण संस्थानों को तंबाकू मुक्त बनाने, श्रम व कृषि अधिकारी को मजदूर-किसान वर्ग को नशे से दूर रहने प्रेरित करने, एनआईसी को प्रचार-प्रसार, वल्ल्भाचार्य महाविद्यालय व शासकीय विद्यालयों के प्रचार्यों सहित सभी पदाधिकारियों को उनके अधिकारों-दायित्वों और कर्तव्यों के बारे में विस्तार से बतलाया।
कलेक्टर ने येल्लो लाइन के तहत स्कूल, कॉलेज और संस्थानों के 100 मीटर के दायरे को तंबाकू मुक्त क्षेत्र बनाने के आदेश दिये गये हैं।
सीएमएचओ डॉ़ एसके परदल ने सभी से तंबाकू नियंत्रण व नशा मुक्ति के लक्ष्य में निष्ठा पूर्वक अपना योगदान देने की अपील की।
बैठक में एनसीडी व जिला तंबाकू नियंत्रण केंद्र दल महासमुंद की ओर से जिला सलाहकार सुश्री अदीबा ब्टट् ने पावर प्रजेन्टेशन के माध्यम से प्रस्तुति दी।
- नियम तोड़ने पर देना हो 200 रुपए का जुर्माना
कलेक्टर के आदेशानुसार स्वास्थ्य विभाग, जिला प्रशासन व पुलिस विभाग के आला अफसरों की टीम तंबाकू नियंत्रण अधिनियम (2003) के तहत छापामार कार्रवाई करते हुए नज़र आएगी। जिसमें सार्वजनिक स्थानों पर धुम्रपान करने वालों से भी 200 रुपए की वसूली की जाएगी। इस दौरान बैठक में सीएमएचओ डॉ. परदल, डीपीएम श्री ताम्रकार, नोडल अधिकारी डॉ. अऩिरुद्ध कसार, जिला सलाहकार सुश्री बट्ट, साइकोलॉजिस्ट श्रीमती मेघा तम्रकार व सोशल वर्कर असीम श्रीवास्तव सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

























