
सरायपाली(काकाखबरीलाल)। ग्रामीणों ने अर्जुण्डा सरपंच चित्रसेन बीसी के उपर आरोप लगाया है कि सरपंच बिसी द्वारा धारा 44 (क) व (ब) के विपरीत कार्य किया गया है।
धारा 40(1)(ग)पंचायती राज अधिनियम का स्पष्ट उल्लघंन किया गया है। ज्ञात हो कि सरपंच के द्वारा ग्राम पंचायत में पंचायत के कार्यों में अपने पुत्र के नाम “पंकज बीसी एजेंसी” नामक का बिल वाउचर लगा कर लाखों रुपए का फर्जी तरह से आहरण किया गया है।
आवेदक गणों को सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत मिली जानकारी के अनुसार दिनांक 09.07.2020 को 30000 रु. 14.06.20 को 48000 रु. 15.06.2020 को 34000 रु. 30000 रु. 63832 रु. 18.06.20 को 31500 रु. 63000रु. 43228 रु. एवं 21.07.2020 को 30000 रु. का बिल वाउचर “पंकज बीसी एजेंसी” के नाम काटा गया है,
इस प्रकार धारा 40(1)(ग) के अनुसार पंचायत के किसी पदाधिकारी द्वारा पंचायत में अपने किसी नातेदार के लिए नियोजन प्राप्त करने के लिए अपनी स्थिति या प्रभाव का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष प्रयोग करना या किसी नातेदार को आर्थिक फायदा पहुंचाने के लिए कोई कार्यवाही करना है जैसे कि किसी प्रकार का कोई पट्टा देना उस के माध्यम से पंचायत में किसी कार्य को करवाना “नातेदार” का अभिप्राय पिता-माता ,भाई- बहन, पति-पत्नी, पुत्र, सास-ससुर, साला, बहनोई, देवर, साली, भाभी, ननंद,देवरानी,जेठानी, दामाद या पुत्रवधू। उक्त अधिनियमों को ताक में रखकर बिल वाउचर सरपंच चित्रसेन बीसी के द्वारा अपने पुत्र को लाभ दिलाने के लिए “पंकज बीसी एजेंसी” को 3 लाख 71 हजार 560 रु. मात्र 21 दिन में दिया गया इस प्रकार बिल भी अन्य माह में काटा गया है, अर्जुण्डा के शिकायतकर्ता नेपाल बिसी, रामलाल साहू,गंगाराम साहू,सुभाष मल्होत्रा ने कहा कि उक्त मामले की शिकायत अनुविभागीय अधिकारी (रा.) कुणाल दुदावत के दिनांक 11.09.2020 को किया गया है परंतु कार्यवाही ठंडे बस्ते में है,कार्यवाही न होने की स्थिति में अनशन में बैठने की तैयारी है
आगे शिकायतकर्ताओं ने काकाखबरीलाल को बताया कि कोविड-19 में केंद्र शासन के नियमों को अवमानना करते हुए सरपंच ने अपने पुत्र पंकज बीसी का शादी बिना अनुमति से लॉकडाउन के दरमियान माह अप्रैल में किया गया था, जिसमें अनुविभागीय अधिकारी सरायपाली द्वारा धरना स्थल पर स्वतः
संज्ञान लेकर धारा IPC 188, 269, 270 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कराया गया अर्जुण्डा सरपंच चित्रसेन बीसी 5 दिनों तक शासकीय जेल महासमुंद में निरुद्ध रहा जोकि वर्तमान में प्रकरण लंबित हैं।
उक्त मामलों में पक्ष रखने सरपंच चित्रसेन बिसी से दूरभाष पर संपर्क किया गया परन्तु न हो सका।



























