Kcc ऋण से अब मछलीपालन व, पशुपालन के लिए मिलेगा ऋण

(धमतरी काकाखबरीलाल).
शासन के निर्देश अनुसार कृषि कार्य के साथ-साथ अब पशुपालन और मछलीपालन करने वाले किसानों के लिए किसान क्रेडिट कार्ड योजना के तहत ऋण उपलब्ध कराने की योजना है। इसके तहत पशुपालन (गौ पालन, बकरी पालन, सूकर पालन) मुर्गीपालन, मछलीपालन, झींगापालन, अन्य जल जीव, मछली पकड़ने संबंधी अल्प अवधि ऋण आवश्यकताओं के लिए किसान क्रेडिट कार्ड का उपयोग हितग्राहियों द्वारा किया जा सकेगा। किसान क्रेडिट कार्ड के अधीन मत्स्यपालन के लिए ऐसे किसान पात्र होंगे जो मच्छीमार, मत्स्यपालन किसान (व्यक्ति अथवा समूह/साझेदार, बटाईदार, काश्तकार किसान) स्वयं सहायता समूह संयुक्त देयता समूह और महिला समूह हों। इसके अलावा लाभार्थियों के पास तालाब, पोखर, जलाशय, रेसवे, हैचरी, पालन इकाई जैसे मत्स्य व्यवसाय संबंधी गतिविधियों और अन्य राज्य विशिष्ट मत्स्य व्यवसाय के लिए खुद की जमीन अथवा पट्टे पर ली गई जमीन तथा इनके लिए मछली पालन और आवश्यक लाइसेंस होना है पात्र होंगे। इसी तरह पशुपालन के तहत ऐसे किसान, डेयरी किसान, मुर्गी/पक्षी पालन करने वाले किसान, संयुक्त उधारकर्ता, संयुक्त समूह या स्वयं सहायता समूह, काश्तकार किसान सहित जिनके पास स्वयं के, किराए/लीज पर लिए गए शेड एवं स्वयं के दुधारू पशु हो, पात्र होंगे।
बताया गया है कि किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए जहां मत्स्य किसानों द्वारा निर्मित तालाब अथवा त्रिस्तरीय पंचायत स्तर से दीर्घ अवधि लीज पट्टे पर तालाब लेकर मछलीपालन करने के लिए चूना, मत्स्यबीज, मत्स्य पूरक आहार और दवाइयांे के लिए ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। इसी तरह पशुपालन (गौ पालन, बकरी पालन, सूकर पालन), मुर्गीपालन से संबंधित पशुपालकों को पशुपालन के लिए चारा, पशु चिकित्सकीय सहायता, मजदूरी, जल, बिजली आपूर्ति तथा आवर्ती लागत के लिए दो लाख की सीमा तक एक प्रतिशत ब्याज एवं दो से तीन लाख तक तीन प्रतिशत ब्याज दर पर एक गाय पालने के लिए 25750 रूपए, एक भैंस के लिए 31250 रूपए, एक बकरी इकाई (10$1) के लिए 28908 रूपए और एक सूकर इकाई (2$1) के लिए 39480 रूपए तक का ऋण किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए प्रदाय किया जाएगा। इसी तरह पोल्ट्री इकाई (100 ब्रायलर) के लिए 10 हजार रूपए तक किसान क्रेडिट के जरिए अल्पकालीन ऋण सेवा सहकारी समिति के माध्यम से प्रदाय किया जाएगा। बताया गया है कि इच्छुक पशुपालक कृषि साख सहकारी समिति एवं पशुपालन विभाग के नजदीकी संस्था से सम्पर्क कर लाभ लिया जा सकता है।
इस संबंध में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत, श्रीमती नम्रता गांधी ने 11 फरवरी को जिला पंचायत की सभाकक्ष में पशुपालन और मछलीपालन विभाग की बैठक लेकर संबंधित अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर प्रकरण तैयार कर संबंधित सहकारी केन्द्रीय बैंक को प्रेषित करने के निर्देश दिए। बताया गया है कि इसके लिए जिले में मछलीपालन विभाग को मिले 25 के लक्ष्य के विरूद्ध 37 प्रकरण और पशुपालन विभाग को मिले 300 के लक्ष्य के विरूद्ध 354 प्रकरण तैयार कर सहकारी केन्द्रीय बैंक को भेजा जाएगा।
























