दुर्ग
राजस्व प्रकरणों के निराकरण में संभाग हो प्रदेश में अग्रणी: संभागायुक्त श्री वासनीकर : संभाग आयुक्त ने अधिकारियों की संभागीय बैठक में की राजस्व प्रकरणों की समीक्षा

काकाखबरीलाल:- दुर्ग संभाग के आयुक्त श्री दिलीप वासनीकर ने आज हिन्दी भवन में दुर्ग संभाग के राजस्व विभाग के अधिकारियों की बैठक में जिलेवार राजस्व प्रकरणों की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक निर्दश भी दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व विभाग प्रशासनिक सेवा का मेरूदण्ड है। अधिकारी अपने अनुभव का सही उपयोग कर राजस्व प्रकरणों के निराकरण में संभाग को अग्रणी बनाए। सरकार की मंशा के अनुरूप आम जनता की समस्याओं का निराकरण जिला स्तर पर ही हो, यह सुनिश्चित किया जाए। राजस्व प्रकरणों का निराकरण गुणवत्तापूर्वक हो, राजस्व अधिकारी संबंधित अनुभाग स्तर पर अनुभाग के विभिन्न विभाग के अधिकारियों की साप्ताहिक समीक्षा बैठक आयोजित कर लंबित प्रकरणों का समीक्षा करें। उक्त बैठक की कार्यवाही विवरण संबंधित कलेक्टर व संभाग आयुक्त को भी प्रेषित किया जाए। अधिकारी प्रशासन में राजस्व विभाग के सर्वोच्चकता को कायम रखे, नए परिवेश में आम जनता को राहत देने अधिकारी सौंपे गए दायित्वों का गंभीरता पूर्वक निर्वहन करें।
संभाग आयुक्त श्री वासनीकर ने बैठक में अधिकारियों से एजेण्डावार चर्चा करते हुए कहा कि अधिकारी नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन जैसे राजस्व प्रकरणों पर विशेष फोकस करते हुए समय-सीमा में प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित करें। घास जमीन, गौठान और खेल मैदान से अतिक्रमण हटाने, नक्शा आधुनिकीकरण, बंदोबस्त त्रुटि सुधार और अपील पुनरीक्षण के प्रकरण में गुणवत्ता का ध्यान रखे। प्रकरणांे के निराकरण में व्यक्तिगत तौर पर बेहतर से बेहतर कार्य हो। भू-अर्जन के प्रकरण में अवार्ड पारित होने पर तत्काल राशि भुगतान करें। अनुविभाग में स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, खाद्य और महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं के क्रियान्वयन पर भी अनुविभागीय राजस्व अधिकारी ध्यान देवें। संभाग आयुक्त श्री वासनीकर ने बताया कि राजस्व विभाग शासन और प्रशासन का आॅंख और कान है। लोगों को राहत देने उनकी समस्याएं व राजस्व प्रकरणों के निराकरण पर ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि किसानों के फसल क्षति पूर्ति, राहत राशि, आकस्मिक दुर्घटना प्रकरणों पर आरबीसी 6-4 के तहत त्वरित कार्यवाही किया जाए। इसी प्रकार पूर्व पंचायत प्रतिनिधियों के लंबित वसूली के प्रकरणों पर भी सख्ती दिखाए।
संभागायुक्त ने कहा कि शासन की मंशा है कि जिलों में अवैध उत्खनन न हो, अतएव अधिकारी ऐसे प्रकरण पर कड़ी कार्यवाही करें। उन्होंने कहा कि वन विस्थापन संबंधी व्यक्तिगत और सामुदायिक प्रकरण पर अग्रिम कार्यवाही करना है, इस हेतु अधिकारियों द्वारा वन प्राधिकार पत्रक का भली-भांति अध्ययन कर लिया जाए। इसी प्रकार सामाजिक प्रशस्ति अधिनियम 2013 के तहत जाति प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया को प्राथमिकता देवें। सभांग आयुक्त ने अधिकारियों को अगाह किया कि कार्यालयों के आकस्मिक निरीक्षण के दौरान राजस्व मामलों से संबंधित प्रकरण लंबित न रहे। उन्होंने अधिकारियों को लंबित प्रकरणों के निराकरण हेतु युद्ध स्तर पर कार्य करने की समझाईश देते हुए कहा कि राजस्व मामले में बेहतर कार्य करने वाले अधिकारियों को शासन-प्रशासन हर संभव सहयोग प्रदान करेंगी। बैठक के आरंभ में संभाग आयुक्त श्री वासनीकर ने विधानसभा निर्वाचन 2018 के कार्य निष्पक्ष ढंग से निपटाने के लिए सभी अधिकारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्हांेने अधिकारियों को अवगत कराया कि इस दौरान संभागायुक्त कार्यालय से राजस्व संबंधी महत्वपूर्ण लगभग 200 प्रकरणों का निराकरण किया गया है। बैठक में संभागायुक्त ने जिलेवार राजस्व अधिकारियांे से प्रकरणों के निराकरण में आ रही समस्याओं के संबंध में भी जानकारी ली। बैठक में उपायुक्त श्री के.के. अग्रवाल, अपर कलेक्टर दुर्ग श्री के.एल. चैहान, श्री संजय अग्रवाल और श्री एस.एन. मोटवानी, अपर कलेक्टर राजनांदगांव श्री ओंकार यदु, अपर कलेक्टर बेमेतरा श्री एम.आर. महिलांग, अपर कलेक्टर कवर्धा श्री पी.एस. ध्रुव, अपर कलेक्टर बालोद श्रीमती तनुजा सलाम एवं उक्त जिलों के सभी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) और तहसीलदार उपस्थित थे
संभाग आयुक्त श्री वासनीकर ने बैठक में अधिकारियों से एजेण्डावार चर्चा करते हुए कहा कि अधिकारी नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन जैसे राजस्व प्रकरणों पर विशेष फोकस करते हुए समय-सीमा में प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित करें। घास जमीन, गौठान और खेल मैदान से अतिक्रमण हटाने, नक्शा आधुनिकीकरण, बंदोबस्त त्रुटि सुधार और अपील पुनरीक्षण के प्रकरण में गुणवत्ता का ध्यान रखे। प्रकरणांे के निराकरण में व्यक्तिगत तौर पर बेहतर से बेहतर कार्य हो। भू-अर्जन के प्रकरण में अवार्ड पारित होने पर तत्काल राशि भुगतान करें। अनुविभाग में स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, खाद्य और महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं के क्रियान्वयन पर भी अनुविभागीय राजस्व अधिकारी ध्यान देवें। संभाग आयुक्त श्री वासनीकर ने बताया कि राजस्व विभाग शासन और प्रशासन का आॅंख और कान है। लोगों को राहत देने उनकी समस्याएं व राजस्व प्रकरणों के निराकरण पर ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि किसानों के फसल क्षति पूर्ति, राहत राशि, आकस्मिक दुर्घटना प्रकरणों पर आरबीसी 6-4 के तहत त्वरित कार्यवाही किया जाए। इसी प्रकार पूर्व पंचायत प्रतिनिधियों के लंबित वसूली के प्रकरणों पर भी सख्ती दिखाए।
संभागायुक्त ने कहा कि शासन की मंशा है कि जिलों में अवैध उत्खनन न हो, अतएव अधिकारी ऐसे प्रकरण पर कड़ी कार्यवाही करें। उन्होंने कहा कि वन विस्थापन संबंधी व्यक्तिगत और सामुदायिक प्रकरण पर अग्रिम कार्यवाही करना है, इस हेतु अधिकारियों द्वारा वन प्राधिकार पत्रक का भली-भांति अध्ययन कर लिया जाए। इसी प्रकार सामाजिक प्रशस्ति अधिनियम 2013 के तहत जाति प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया को प्राथमिकता देवें। सभांग आयुक्त ने अधिकारियों को अगाह किया कि कार्यालयों के आकस्मिक निरीक्षण के दौरान राजस्व मामलों से संबंधित प्रकरण लंबित न रहे। उन्होंने अधिकारियों को लंबित प्रकरणों के निराकरण हेतु युद्ध स्तर पर कार्य करने की समझाईश देते हुए कहा कि राजस्व मामले में बेहतर कार्य करने वाले अधिकारियों को शासन-प्रशासन हर संभव सहयोग प्रदान करेंगी। बैठक के आरंभ में संभाग आयुक्त श्री वासनीकर ने विधानसभा निर्वाचन 2018 के कार्य निष्पक्ष ढंग से निपटाने के लिए सभी अधिकारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्हांेने अधिकारियों को अवगत कराया कि इस दौरान संभागायुक्त कार्यालय से राजस्व संबंधी महत्वपूर्ण लगभग 200 प्रकरणों का निराकरण किया गया है। बैठक में संभागायुक्त ने जिलेवार राजस्व अधिकारियांे से प्रकरणों के निराकरण में आ रही समस्याओं के संबंध में भी जानकारी ली। बैठक में उपायुक्त श्री के.के. अग्रवाल, अपर कलेक्टर दुर्ग श्री के.एल. चैहान, श्री संजय अग्रवाल और श्री एस.एन. मोटवानी, अपर कलेक्टर राजनांदगांव श्री ओंकार यदु, अपर कलेक्टर बेमेतरा श्री एम.आर. महिलांग, अपर कलेक्टर कवर्धा श्री पी.एस. ध्रुव, अपर कलेक्टर बालोद श्रीमती तनुजा सलाम एवं उक्त जिलों के सभी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) और तहसीलदार उपस्थित थे
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