बसना: स्वच्छ भारत मिशन और मनरेगा के कार्य में जमकर लापरवाही पूर्वक गुणवताहीन निर्माण

बसना जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत रंगमटिया के आश्रित ग्राम तिलाई दादर में सामुदायिक शौचालय निर्माण पर जमकर भ्रष्टाचार की गई है सामुदायिक शौचालय स्वच्छ भारत मिशन , मनरेगा, व 15 वित्त की राशि को मिलाकर ग्राम पंचायत द्वारा बनाया जा रहा है
लेकिन सौचालय निर्माण में ग्राम पंचायत गुणवत्ता हीन निर्माण किया जा रहा है सौचालय के बाहरी दीवाल खड़े करने के बाद अंदर ना ही टॉयलेट सीट की व्यवस्था की गई ना फ्लोरिंग पर टाइल्स की व्यवस्था की गई ना दीवाल पर छबाई का काम करवाया गया और ना ही टॉयलेट गड्ढा किया गया है
लापरवाही या भ्र्ष्टाचार को छीपाने निर्माण सौचालय सूचना बोर्ड पर कार्य प्रारंभ तिथि और पूर्ण तिथि का उल्लेख नही किया गया है जबकि किसी भी भवन आदि को एक निर्धारित तिथि में पूर्ण करने का रहता है लेकिन सूचना निर्माण बोर्ड में कार्य प्रारंभ और पूर्ण तिथि का उल्लेख नही किया गया है
स्वच्छ भारत मिसन अंतर्गत और मनरेगा के तहत ग्राम पंचायत रंगमटिया के आश्रीत ग्राम तिलाई दादर में 3 लाख 50 हजार रु की लागत के राशि यह सौचालय का निर्माण किया जाना है
ग्राम पंचायत रंगमटिया के सौचालय निर्माण सम्बन्धित आहरण राशि को डिजिटल ऐप के माध्यम से देखने पर लगभग दो लाख सत्तर हजार रु का आहरण किया जा चुका है जिसका पहला क़िस्त 24 , 07 2021 को ही निकाल लिया गया था इस तरह आज दिनांक तक लगभग 10 माह गुजर चुके है और इस बीच अलग अलग दिनांक में 2 लाख 70 हजार का आहरण किया जा चुका है
पंचायत कर्मचारी द्वारा निकाल लिया गया है बड़ा सवाल यह है क्या जनपद से इंजीनियर द्वारा राशि आहरण के पहले भौतिक निरीक्षण नहीं किया गया था या फिर उसके सहमति से इस प्रकार के कार्य को पंचायत कर्मचारी अंजाम दे रहे हैं इस संबंध में जब ग्राम पंचायत सरपंच से पूछा गया तो उनके द्वारा किसी भी सवाल का ठीक से जवाब नहीं देने पर जनपद पंचायत बसना सी ई ओ से सनत महादेवा से सवाल पूछा कि क्या आपके द्वारा भौतिक निरीक्षण किया गया है तो सीईओ साहब का कहना था कि मेरे द्वारा भौतिक निरीक्षण नहीं किया गया है लेकिन आपके माध्यम से इस संबंध में जानकारी प्राप्त हुआ है मैं खुद भौतिक निरीक्षण करूंगा और जांच मैं अगर दोषी पाए जाते हैं तो नियमानुसार कार्यवाही करने की बात कही गई,
अब देखना है कि कब तक ग्राम पंचायत रंगमटिया में जनपद के सक्षम अधिकारी भौतिक निरीक्षण के लिए पहुंचते हैं और कब तक अधूरा निर्माण कार्य पूरा होता है और कब तक दोषियों के ऊपर कार्यवाही किया जाता है या फिर इस गंभीर विषय को भी ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है


























