
काकाखबरीलाल , रायपुर, 26 दिसम्बर 2017
छत्तीसगढ़ में वर्तमान रबी मौसम में किसानों ने लगभग साढ़े ग्यारह लाख हेक्टेयर में विभिन्न अनाज, दलहनी और तिलहनी फसलों के साथ-साथ साग-सब्जी की बोनी पूरी कर ली है। राज्य शासन के कृषि विभाग ने इस साल लगभग 18 लाख 51 हजार हेक्टेयर में रबी फसल लेने का कार्यक्रम बनाया है। दो दिन पहले की स्थिति में निर्धारित रकबे के 63 प्रतिशत हिस्से में विभिन्न फसलों की बोआई पूरी हो चुकी है।
कृषि मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने आज यहां बताया कि रबी मौसम 2017-18 में तीन लाख 65 हजार हेक्टेयर में अनाज फसल, नौ लाख 26 हजार 250 हेक्टेयर में दलहनी फसल तथा तीन लाख 14 हजार 380 हेक्टेयर में तिलहन फसल बोने की तैयारी की गई है। श्री अग्रवाल ने बताया कि रबी मौसम में अनाज फसलों के अंतर्गत गेहूं, मक्का, धान, जौ-ज्वार आदि की खेती किसानों द्वारा की जाती है। अभी तक एक लाख 58 हजार 350 हेक्टेयर में अनाज फसलों की बोआई पूर्ण हो चुकी है। कृषि मंत्री ने बताया कि छह लाख 73 हजार 760 हेक्टेयर में चना, मटर, मसूर, मूंग, उड़द, तिवरा, कुल्थी सहित अन्य दलहनी फसलें लगायी जा चुकी है। दलहनी फसलों में दो लाख 92 हजार हेक्टेयर में तिवरा तथा दो लाख 81 हजार 370 हेक्टेयर में चने की बोनी हो गई है।
श्री अग्रवाल ने बताया कि एक लाख 90 हजार 670 हेक्टेयर में तिलहनी फसलें बोने का कार्य हो गया है। अलसी, सरसो, राई, तोरिया, सूरजमुखी, तिल, कुसुम, मूंगफली छत्तीसगढ़ की प्रमुख तिलहनी फसलें हैं। उन्होंने बताया कि 50 हजार हेक्टेयर में रबी मौसम का गन्ना लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इसी प्रकार एक लाख 95 हजार हेक्टेयर में शीतकालीन सब्जियां लगाने का कार्यक्रम बनाया गया है। वर्तमान में एक लाख 10 हजार हेक्टेयर में साग-सब्जियां लगाई जा चुकी है।























