कोरोना वायरस को रोकने में स्कूल, महाविद्यालय, आंगनबाड़ी से अधिक भीड़ मदिरा दुकान में होती लेकिन यह बंद क्यों नहीं

(सरायपाली काकाखबरीलाल).
आज पूरा विश्व कोरोना वायरस के चपेट में है । सभी जगह इसे नियंत्रित किये जाने हेतु विभिन्न प्रयास किये जा रहे है । देश मे अधिकांश राज्यो में स्कूल , कालेज , शिक्षा संस्थाएं , सिनेमा हॉल , माल व भीड़ भाड़ वाले इलाकों में रोक लगा दी गई है । यहां तक कि 200 लोगो को एकत्र होने तक पर रोक लगाई गई है । छत्तीसगढ़ की सरकार भी इसी नक्शे कदम पर चलते हुवे इन सभी मे रोक लगा दी है पर सर्वाधिक भीड़ भाड़ वाली शराब दुकानों पर इतनी रहम व छूट क्यों ? क्षेत्र के अनेक नागरिको , बुद्धिजीवीयों , जनप्रतिनिधियों , शिक्षाविदों , सामाजिक संघ व संगठनों ने कोरोना वायरस से रोकथाम और नियंत्रण को लेकर स्कूल-कॉलेज बंद किए जाने का एक ओर समर्थन करते हुवे राज्य में शराब दुकान को खुले रखने का विरोध किया है। इस संबंध में जनता कांग्रेस के अध्यक्ष अमित जोगी ने ट्वीट कर कहा है कि – ‘शराब माफिया के कारण छत्तीसगढ़ियों को और कितना नुक़सान सहना पड़ेगा?’ उन्होंने ट्वीट कर कहा है कि जब मुख्यमंत्री मुख्यालय द्वारा कोरोना वायरस के कारण 31.3.2020 तक सभी सार्वजनिक स्थान बंद किया जा सकता हैं तो शराब दुकानो को बंद क्यों नहीं किया जा सकता ? वैसे भी स्कूल-कालेज और आँगनबाड़ी से ज़्यादा भीड़ तो शराब दुकानों में ही देखने तो मिलती है! शराब माफिया के कारण छत्तीसगढ़ियों को और कितना नुक़सान सहना पड़ेगा?
अनेक लोगो ने अमित जोगी के इस बातों का समर्थन करते हुवे कहा कि जब स्कूल , कालेजो , व अन्य भीड़ भाड़ वाले संस्थानों व स्थानों को बंद करने का मापदंड सिर्फ भीड़ वाले स्थान हैं तो राज्य की सभी शराब दुकाने भी इसी दायरे में आती है तब शराब दुकानों को इस नियमो से छूट क्यो ? इस मामले में सरकार की मंशा संदेहास्पद दिखाई देती है तो वही कोरोना वायरस के रोकथाम व बचाव में किये जा रहे प्रयासों में भेदभाव व इसे रोकने सरकार में गंभीरता दिखाई नही देती अनेक लोगो ने नाराजगी व्यक्त करते हुवे कहा कि छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार को आम जनता के जीवन से अधिक प्यार व लोभ शराब विक्रय से प्राप्त धनराशि से है । यह शासन के उक्त अदूरदर्शी निर्णय से उजागर हो गया है । तभी तो राज्य के शराब दुकानों को बंद करने का आदेश जारी नही करना उनकी मंशा को स्पस्ट करता है कि छत्तीसगढ़ सरकार को छत्तीसगढ़ियों की जान की चिंता से अधिक शराब से प्राप्त आय की चिंता अधिक है । अनेक लोगो ने सरकार को अपने निर्णय पर पुनर्विचार करते हुवे जनहित व कोरोना वायरस को नियंत्रित किये जाने में सहायक होने वाले सभी शराब दुकानों को भी बंद के दायरे में लाते हुवे 31 मार्च तक बंद किये जाने का साहसपूर्ण निर्णय लेना चाहिए ।
























