सरायपाली

सरायपाली: भगवान राम एवं श्रवण कुमार का जीवन हैं हमारा आदर्श -ललित

सरायपाली-बसंत पंचमी के अवसर पर शासकीय उच्च प्राथमिक शाला कलेण्डा (तोरेसिंहा) में माता सरस्वती का पूजन एवं मातृ पितृ दिवस का कार्यक्रम मनाया गया। बसंत पंचमी का प्राकृतिक-संस्कृत महत्व बताते हुए माता सरस्वती के प्राकट्य दिवस के रूप में मनाया गया। इस अवसर पर उपस्थित महिलाओं द्वारा सरस्वती पूजन किया गया एवं विद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा सरस्वती वंदना का गायन किया गया। तत्पश्चात विद्यार्थियों द्वारा उपस्थित माताओं का पुष्प, गुलाल से तिलक वंदन करते हुए मातृ-पितृ दिवस के रूप में मनाया गया. इस अवसर पर संस्था के प्रधान पाठक ललित कुमार साहू द्वारा बसंत पंचमी के महात्म्य, माता सरस्वती की जयंती एवं मातृ पितृ दिवस के संबंध में विस्तारपूर्वक बताते हुए कहा गया की भारतीय संस्कृति भगवान रामचंद्र,श्रवण कुमार एवं भीष्म पितामह जैसे महापुरुषों के चरित्र से भरा हुआ है ।जहां राजा रामचंद्र ने अपने पिता दशरथ के पण की रक्षा के लिए सहज ही चौदह वर्ष के वनवास को स्वीकार कर लिया। श्रवण कुमार ने अपने अंधे माता-पिता की इच्छा की पूर्ति के लिए कांवर में लेकर तीर्थाटन कराया।देवव्रत भीष्म ने अपने पिता के सुख के लिए आजन्म ब्रह्मचारी रहने और राज सिंहासन त्याग का प्रण ले लिया।ये हमारी संवृद्ध संस्कृति की परंपरा है , इससे हमें सीख लेनी है।अपने माता-पिता, दादा-दादी, बुजुर्गों का सम्मान करना है और जीवन में उनके बताए अच्छे मार्ग पर चलकर अच्छा और सच्चा इंसान बनना है।अंत में सभी को स्वल्पाहार वितरण किया गया।इस अवसर पर संकुल समन्वयक बिन्दु प्रकाश चौधरी,शिक्षक मीना साहू, अनिल बारीक,बसंत पटेल, बड़ी संख्या में माताएं, छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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