शिक्षक दिवश के अवसर पर काली पट्टी लगाकर किया आक्रोश प्रदर्शन.

काली पट्टी लगाकर सहायक शिक्षक पं./ एलबी संवर्ग ने किया शिक्षक दिवस का बहिष्कार ।
काकाखबरीलाल , बसना। आज 5 सितम्बर शिक्षक दिवस के अवसर पर जहा पूरे भारत मे डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी का जन्मदिन शिक्षक दिवस मनाया जा रहा है वही छत्तीसगढ़ में स्वयं शिक्षक ही शिक्षक दिवश का विरोध करते नजर आए। महासमुन्द जिले भर के सभी ब्लॉक के सैकड़ो शिक्षक पंचायत / एल बी संवर्ग ने आज काली पट्टी बांधकर शिक्षक दिवश का बहिष्कार किया। ज्ञात हो कि संविलियन से नाराज चल रहे शिक्षक पंचायत/ एल बी वर्ग ने अपने मूल संगठन से अलग होकर नया फेडरेशन बना लिया है और अपनी 4 सूत्रीय मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन कर चुका है इसी बीच आज अपने चार सुत्रीय मांग
1. वेतन विसंगति
2.क्रमोनति
3.आठ वर्ष बंधन समाप्ति
4.अनुकम्पा नियुक्ति को लेकर सरकार को मांग पुर्ण करने का आव्हान किया है।
महासमुन्द जिले के बसना ब्लॉक के सभी शिक्षक पंचायत एल बी संवर्ग ने स्कूल काली पट्टी लगाकर पहुंचे एंव स्कूल से शाम 4 बजे बसना ब्लॉक के सभी सहायक शिक्षक एल बी बीईओ कार्यलय में बड़ी संख्या में उपस्थित होकर 5 सितम्बर शिक्षक दिवश पर काली पट्टी लगाकर आक्रोश प्रकट किया। इनका कहना है कि सरकार ने हमे नही ठगा है और जितना नाराज हम सरकार से है उनसे कहि ज्यादा पुराने संग्ठन के नेता से है, क्योंकि इनका कहना है कि इन्होंने इनका साथ नही दिया और हमे भीड़ स्वरूप लेकर केवल अपनी मांगों को सरकार से मनवाते रहे सहायक शिक्षक की जो 4 सूत्रीय मांगे है उनको गम्भीरता पूर्वक विचार नही करती है तो प्रान्त स्तर पर उग्र आंदोलन किया जाएगा, एक ही पड़ पर 20 वर्षो से सेवा दे रहे शिक्षकों को न क्रमोन्नति का लाभ मिल रहा है न ही पदोन्नति का जो कि हमारे वर्ग के साथ अन्याय है ।
आज के इस विरोध में न केवल शिक्षक पंचायत /एल बी रहे बल्कि नियमित शिक्षकों व ब्याख्याता एल बी व शिखयक पंचायत,/एल बी का भी समर्थन रहा। विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय के सामने फेडरेशन के विजय धृतलहरे,नीलाम्बर नायक , छतराम चौहान नरोत्तम चौधरी, सुरेश नंद ,महेश नायक , शुशील प्रधान, नरेंद्र डड़सेना, नंदकुमार साव, शरण दास गिरीश गगजेंद्र , अर्पणा बारीक ,संगीत साहू ,बनिता भोई,मीना सहारे व भारी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे।

मांग पूरा नही हुआ तो सम्मेलन स्थल पर ही करेंगे बड़ा आंदोलन
साथ ही सूत्रों से जानकारी मिली है कि पुराने संगठन के नेता सम्मेलन के लिए मुख्यमंत्री से समय मांग रहे है जबकि शिक्षाकर्मीय का एक बड़ा तबका जिनकी संख्या 1 लाख 9 हजार है वह नाखुश है। यदि सहायक शिक्षक की मांगों को पुरा किये बिना यदि सम्मेलन किया जाता है तो सहायक शिक्षक एल बी द्वारा उसी दिन, सम्मेलन स्थल पर बड़ा आंदोलन किया जा सकता है।
























