सरायपाली :ईकेवाईसी से पकड़ाए अपात्र किसान अंचल में 8413 अपात्र किसान

सरायपाली (काकाखबरीलाल). केंद्र सरकार द्वारा किसानों को दी जाने वाली सम्मान निधि की राशि 6000 रुपए को इनकम टैक्स पटाने वाले किसान, सरकारी कर्मचारी, पेंशनर्स, एक परिवार में एक से अधिक किसान इस योजना का लाभ नहीं ले सकते। बावजूद कई ऐसे किसानों को सम्मान निधि की राशि प्राप्त हुई है, जो अपात्र की श्रेणी में आते हैं। केवाईसी करवाने के पश्चात अपात्र किसान सामने आए। इनसे कृषि विभाग द्वारा वसूली की जा रही है।
पंजीकृत किसको की तुलना में एक चौथाई अपात्र किसान ब्लॉक में सामने आए हैं। जानकारी के अनुसार ब्लॉक में 35725 पंजीकृत किसान है। जिन्हें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ मिलता है। इसमें से 27312 पात्र, 8413 अपात्र किसान हैं। कृषि विभाग द्वारा अभी तक 36 अपात्र कृषकों से 226000 वसूली की गई है। अन्य किसानों से वसूली शेष है। ज्ञात हो कि इस योजना की शुरुआत दिसंबर 2018 में केंद्र सरकार द्वारा की गई थी। शुरुआत में 5 एकड़ तक के किसानों को इस योजना का लाभ दिया जाता था। बाद में पाबंदी हटाई गई और एक परिवार से एक कृषक को योजना का लाभ दिया जा रहा है। इस योजना का लाभ लेने कुछ नियम शर्ते हैं। इनकम टैक्स पटाने वाले किसान, सरकारी कर्मचारी किसान, पेंशनर्स किसान, एक किसान का दो जिलों में पंजीयन, ये किसान इस योजना का लाभ नहीं ले सकते। शुरुआत में लोगों को कुछ विशेष जानकारी नहीं थी। सभी वर्ग के लोग सम्मान निधि का लाभ लेने आवेदन किए थे। जो धीरे-धीरे अपात्र की श्रेणी में आने पर नाम कटते गए। लेकिन जब से ईकेवाईसी की प्रक्रिया शुरू हुई तब से अपात्रों की संख्या बढ़ गई और जो सैकड़ों में अपात्र किसान सामने आ रहे थे वह हजारों में पहुंच गए हैं।
ई-केवाईसी के पश्चात भी किसान योजना से वंचित
हालांकि, केंद्र सरकार द्वारा सम्मान निधि का लाभ लेने किसानों को ईकेवाईसी करवाना अनिवार्य कर दिया गया है, लेकिन कई कृषक ईकेवाईसी करवाने के पश्चात भी शासन की इस महत्वाकांक्षी योजना का लाभ लेने से वंचित हो रहे हैं। ईकेवाईसी के पश्चात किसानों खाते में राशि क्यों जमा नहीं हो रही है इसके पीछे तीन वजह हो सकती हैं, पंजीकृत कृषक का आधार कार्ड खाता से लिंक ना हो, या आधार कार्ड के अनुरूप पोर्टल में नाम ना हो, या आधार कार्ड अपडेट ना किया गया हो।
केंद्र सरकार द्वारा ई-केवाईसी करवाने वाले किसानों के खाते में सम्मान निधि की राशि जमा की जा रही है। ऐसे में जो पूर्व में योजना का लाभ ले रहे थे, वह किसान आगे भी योजना का लाभ लेने ईकेवाईसी करवाए। लेकिन, शासन द्वारा निर्धारित मापदंड की श्रेणी में ना आने पर अपात्र हो गए और पूर्व में उनके द्वारा लिए गए सम्मान निधि की राशि अब वसूली की जा रही है। ईकेवाईसी के पश्चात शासन ने अपात्र किसानों को पकड़ लिया है।
अपात्र किसानों से हो रही है सम्मान निधि की राशि की वसूली : सेठ
इस संबंध में वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी देवेश सेठ से पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि किसान सम्मान निधि योजना का लाभ लेने ई-केवाईसी अनिवार्य होने के बाद कई अपात्र किसान सामने आए, जिनसे वसूली जारी है। बहुत जल्द सभी अपात्र किसानों से वसूली कि जाएगी।






















