सरायपाली :शोध संगोष्ठी में डा चंद्रिका ने किया शोधपत्र का वाचन

सरायपाली( काकाखबरीलाल). विगत दिनों मैट्स विश्वविद्यालय में तृतीय लिंग विमर्श कल, आज और का कल विषय पर दो दिवसीय बाल अंतरराष्ट्रीय शोध संगोष्ठी का 86 आयोजन हुआ। जिसमें डा. चंद्रिका 6 चौधरी सहायक प्राध्यापक हिन्दी (स्व. राजा वीरेन्द्र बहादुर सिंह शासकीय महाविद्यालय सरायपाली) ने किन्नर विमर्श साहित्य और समाज शीर्षक पर शोध पत्र का वाचन करते हुए कहा कि साहित्य, उदासीन बन किनारे खड़े होकर, डूबते हुए को देखने में विश्वास नहीं करता, बल्कि वह उस तेज धार में बहने वाले पीड़तों के साथ खुद डूबता उबरता हुआ, समाज की आखों में पड़े संशय की
धुंध को हटाकर यथार्थ की धवलता दिखाता है। समाज के प्रत्येक कोने में उपस्थित होकर अपनी लड़ाई लड़ रहे किन्नर समुदाय की समस्या, उनके मन में चल रहे अंतर्द्वन्द्व, उनकी सोच व समाज में अपने अस्तित्व को बनाये रखने के उनके अंतहीन संघर्ष को दिखाकर लोगों में उनके प्रति मानवोचित भाव जगाना साहित्य का ध्येय है। उल्लेखनीय है कि उक्त संगोष्ठी में
हिन्दी साहित्य जगत के प्रसिद्ध साहित्यकार जया जादवानी, उर्मिला शुक्ल, लता अग्रवाल, पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. केशरीलाल वर्मा, अमेरिका के प्रख्यात हिंदी साहित्यकार प्रेम भारद्वाज ज्ञानभिक्षु इत्यादि प्रबुद्धजन उपस्थित थे। डॉ. चंद्रिका चौधरी की इस उपलब्धि पर प्राचार्य प्रदीप कुमार भोई, हिन्दी विभागाध्यक्ष डॉ. संध्या भोई ने हर्ष जताया है।

























