सरायपाली : सड़क के किनारे यमराज की तरह खड़े हैं सैकड़ों साल पुराने पेड़

नगर के मुख्य मार्ग पर स्थित सैकड़ों साल पुराने कई पेड़ राहगीरों के लिए दुर्घटना का सबब बने हुए हैं। आए दिन इन पेड़ों की डालियां टूट कर गिर रही हैं, जिससे लोगों को हादसे का खतरा बना हुआ है। ऐसी ही स्थिति नगर के मुख्य मार्ग पुराने सरकारी अस्पताल के सामने, पदमपुर रोड बस्ती तालाब के पास, सरायपाली से झिलमिला कुश इलेक्ट्रीकल के आसपास देखी जा सकती है। यहां सैकड़ों साल पुराने कई बड़े-बड़े पेड़ सड़क किनारे खड़े हैं। जिनकी टहनियां सड़क के एक किनारे से दूसरे किनारे तक पहुंच रही है। ये पेड़ बहुत पुराने होने के कारण कई बार इसकी टहनियां टूट कर गिर गई है। इससे कभी भी बड़ी दुर्घटना होने का अंदेशा बना रहता है।
रखरखाव व कटाई छंटाई के अभाव में पेड़ों की टहनियों ने पूरे मुख्य मार्ग को घेर रखा है, जो दुर्घटना को निमंत्रण दे रही हैं। दो तीन दिन पहले भी पतेरापाली एचपी गैस के सामने स्थित सैकड़ों साल पुराने पीपल के पेड़ की बड़ी टहनी रोड पर टूट कर गिर गई। जिसकी टहनियाँ 2 दिन के अंतराल में दो बार टूट चुकी हैं। रविवार 21 अगस्त को रात के वक्त एक टहनी तथा बुधवार दोपहर अचानक भरभरा कर एक और टहनी गिर गई। वहीं आस-पास में कई दुकान है तथा राहगीर भी आते जाते रहते हैं, लेकिन पेड़ की टहनी जिस समय गिरा उस समय कोई भी मौजूद नहीं था जिसके कारण कोई भी जान माल का हानी नहीं हुआ।
इसी प्रकार नगर के मुख्य मार्ग पर पुराने सरकारी अस्पताल के सामने तथा राम मंदिर के सामने स्थित बड़े पुराने विशालकाय पेड़ के नीचे से प्रतिदिन हजारों वाहन गुजरते हैं। इन पेड़ों के नीचे कई दुकानें भी हैं, जहां हमेशा लोगों की भीड़ रहती है। जिससे कभी भी गंभीर हादसा होने का खतरा बना रहता है। कमोबेश यह स्थिति पूरे नगर की है, जहां टहनियां रोड पर झूल रही हैं। इनकी कटाई-छंटाई किया जाना बेहद जरूरी है। स्थानीय दुकानदारों व नगरवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे पेड़ों को चिह्नित कर उनकी कटाई-छंटाई कर हटाया जाए। ताकि भविष्य में कोई गंभीर घटना घटित ना हो। झिलमिला रोड पर कुश इलेक्ट्रीकल के समीप दो पुराना पीपल के पेड़ हैं, जहां कई बार दोनो पेड़ की टहनियां टूट चुकी हैं। यहां भी राहगिरों एवं स्कूल आने-जाने वालों बच्चों के लिए खतरा हमेशा बना रहता है।























