वृध्दा ने नाती-पोतों के लिए जो रुपए जोड़े थे, उन्हें प्रधानमंत्री राहत कोष में दान किया

(काकेर काकाखबरीलाल).
कोरोना संक्रमण के दौरान जरूरतमंदों की मदद के लिए बहुत से हाथ आगे बढ़ रहे हैं। लोग सड़क पर निकल कर मास्क, राशन, भोजन लोगों में बांट रहे हैं। ऐसे में छत्तीसगढ़ के कांकेर से बढ़े दो हाथों की मदद सबसे खास हो गई। शहर की 73 साल की श्यामा निषाद ने अपनी पेंशन की राशि से नाती-पोतों के लिए जो रुपए जोड़े थे, उन्हें प्रधानमंत्री राहत कोष में दान कर दिया। शहर के एमजी वार्ड निवासी बुजुर्ग श्यामा निषाद ने पेंशन से मिलने वाली राशि से थोड़े-थोड़े पैसे बचाए थे। इन पैसों से वो नाती-पोते की पढ़ाई में कुछ मदद करना चाहती थीं। इस बीच देश में कोरोना की विपदा आ गई। इस लड़ाई के लिए बुजुर्ग श्यामा ने पेंशन से बचाए 5101 रुपए प्रधानमंत्री राहत कोष में दान कर दिए। वो वार्ड में गरीब परिवारों को भी राशन दे रही है।
श्यामा कहती हैं कि उनकी मदद बहुत छोटी है। ये देश में किसी के काम आ सके, यहीं उनकी इच्छा है। श्यामा ने बताया कि वर्ष 1995 में उनके पति की मौत हो गई थी। इसके बाद से उनको पेंशन के रूप में 8500 रुपए मिलने लगे। इसी पेंशन के रुपयों से पूरा परिवार भी चलता रहा है। हर माह मिलने वाली पेंशन से ही वह कुछ पैसे बचाकर जोड़ती रहती हैं। आज ये पैसा देश के काम आ रहा है।
























