बेटे ने शौक पूरा करने अपने ही घर से चुराए लाखों के गहने

अपने ही घर में चोरी करने वाले आरोपी बेटे को गिरफ्तार करने में बसंतपुर पुलिस को सफलता मिली है। आरोपी के साथ चोरी के आभूषण खरीदने वाले ज्वेलर्स भाइयों को भी पुलिस ने हिरासत में लिया है। पुलिस के मुताबिक प्रार्थी जेएन दास निवासी सृष्टि कॉलोनी राजनांदगांव सेंटर लैब प्रभारी के पद से सेवानिवृत्त हैं, जिन्होंने आरोपी को गोद लिया था, लेकिन किसे पता था कि गोद लिया हुआ वहीं बालक बड़ा होकर ऐसा बदला लेगा। बड़े-बड़े होटलों में रुकना, लग्जरी कार में घूमना, शराब और लड़कियों का शौक उसे एक दिन सलाखों के पीछे पहुंचा देगा। पुलिस की माने तो आरोपी जयेश दास एक पंजाबी मॉडल और एक्ट्रेस पर काफी रुपए खर्च करता था।पुलिस ने बताया कि जतिन्द्र नाथ दास पिता स्व. जोगेन्द्र लाल दास 70 साल निवासी वार्ड 39 हाऊसिंग बोर्ड कॉलोनी कौरिनभांठा ने 3 फरवरी को थाना उपस्थित होकर रिपोर्ट दर्ज कराया कि 13 नवंबर को वह अपनी पत्नी के साथ अपने साले के अंतिम संस्कार में शामिल होने अंबिकापुर गया हुआ था। उसका लड़का जयेश घर में अकेला था 15 नवंबर को जब वे वापस लौटा तो देखा कि उसका लड़का जयेश दास आलमारी में रखे उसकी पत्नी के सोने-चांदी के पुश्तैनी गहने (गला, हाथ, अंगुली का) और नकदी रकम 20 हजार रुपए को चोरी कर लिया है। जिसे बार-बार वापस करने कहने पर वापस नहीं कर रहा है।रिपोर्ट पर थाना बसंतपुर में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। आला अधिकारियों के मार्गदर्शन में प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए फरार आरोपी के पतासाजी के लिए टीम गठित किया गया। फरार आरोपी जयेश दास को हिरासत में लेकर पूछताछ किया तो उसने बताया कि उसे शुरू से बड़े-बड़े होटलों में रूकना, शराब, सिगरेट और महंगी कार का शौक था। इसके चलते अपने ही घर में सोने-चांदी के जेवरात तथा नकदी रकम को चोरी करना कबूल किया।चोरी किए सोने-चांदी के जेवरात को आरोपी महावीर बैद पिता महेन्द्र बैद 26 साल और गौतम बैद 28 साल निवासी चौखडिय़ा पारा राजनांदगांव थाना बसंतपुर के पास बिक्री करना बताया। इसके बाद चोरी के सोने चांदी का जेवरात खरीदने वाले दोनों भाई को हिरासत में लेकर पूछताछ किया, जो जुर्म करना स्वीकार किया। आरोपियों से सोने के जेवरात लगभग 20 तोला कीमती करीबन 9 लाख रुपए जब्त कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इस कार्रवाई में निरीक्षक राजेश साहू थाना प्रभारी बसंतपुर, उपनिरी भोलासिंह राजपूत, निरी पियुषकांत चन्द्राकर, प्रआर बसंत राव, आर. प्रवीण मेश्राम, विभाष सिंह राजपूत की सराहनीय भूमिका रही।























