छत्तीसगढ़ में रंगीन फूलगोभी उगाने लगे हैं किसान, कीमत भी मिल रही ज्यादा ये गोभी जो है फूलों की तरह रंग-बिरंगी और आकर्षक, पौष्टिकता से भी भरपूर

परंपरागत तौर पर धान की खेती करने वाले छत्तीसगढ़ के किसान अब खेती-किसानी में नित नए नवाचार करने लगे हैं। धान की आधुनिक खेती के साथ सुगंधित धान, फोर्टीफाइड धान की खेती की ओर तेजी से अग्रसर किसान अब उद्यानिकी के क्षेत्र में हाथ आजमाने लगे हैं। उद्यानिकी की खेती में नवाचार कर छत्तीसगढ़ के किसान रंग-बिरंगी फूलगोभी उगाने लगे हैं।उद्यानिकी संचालक माथेश्वरन वी. ने बताया की रंगीन गोभियां न केवल देखने में खूबसूरत लगती है, बल्कि पोषक तत्वों से भी भरपूर होती है। इसमें विटामिन ए कैरोटीन की मात्रा अधिक होती है। इसमें फाइटो केमिकल्स और एंटीऑक्सीडेंट होता है, जो बीमारी और बॉडी इंफेक्शन से लडऩे में सहायक होता है। ये वायरल संक्रमण से लडऩे में मदद भी करता है। इसमें कैल्शियम, फास्फोरस, मैग्नीशियम और जिंक होता है, जो हड्डियों को मजबूत बनाता है। यह बुजुर्ग और गर्भवती महिलाओं के लिए बहुत फायदेमंद है।बिलासपुर जिले के मस्तुरी ब्लॉक के मल्हार के वर्मा दंपती को कोरोनाकाल में पौष्टिक एवं गुणवत्तायुक्त फसल उत्पादन का विचार मन में आया। कृषक दिव्यादेवी वर्मा ने उद्यानिकी के क्षेत्र में नवाचार का जो प्रयोग किया है, वह प्रशंसनीय है। वह पति जदुनंदन प्रसाद वर्मा व परिजनों के साथ सामान्य बागवानी के अलावा गुणवत्तायुक्त चार प्रकार की रंगीन फूलगोभी की खेती कर रही हैं। सामान्य गोभी के मुकाबले बाजार में इसकी अच्छी कीमत भी मिलती है। इसकी कीमत बाज़ार में 100 रुपए किलो से ज्यादा है। बता दें कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सरकार के तीन साल पूरे होने के मौके पर राहुल गांधी 3 फरवरी को रायपुर आए थे। वे साइंस कॉलेज मैदान में उद्यानिकी विभाग की प्रदर्शनी में रंग-बिरंगी फूलगोभी देखकर आश्चर्य चकित हो गए थे। राहुल गांधी ने इसकी खेती के बारे में वर्मा दंपती से जानकारी लेने के साथ ही उनके नवाचार को सराहा था।
























