एसडीएम ने किराना दुकान में मारा छापा जब्त किए 1100 बोरी धान, इधर पूर्व समिति प्रबंधक व कंप्यूटर ऑपरेटर पर मामला दर्ज

धान उपार्जन केंद्रों में बिचौलियों पर प्रशासनिक कार्यवाही के कुछ घण्टे बाद ही किराना स्टोर्स में धान भंडारण पर भी कार्यवाही करते हुए प्रशासन की टीम द्वारा 1100 बोरी धान जब्त किया गया। सीतापुर एसडीएम अनमोल टोप्पो ने बताया कि सीतापुर के ग्राम ढेलसरा में संजीत किराना स्टोर में भारी मात्रा में धान के भंडारण की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर प्रशासन की टीम ने बुधवार को दुकान में दबिश दी और दुकान में भण्डारित करीब 1100 बोरी धान जब्त किया गया। उन्होंने बताया कि दुकान संचालक से धान के कागजात की मांग की गई तो उसके पास कोई भी दस्तावेज मौजूद नहीं थे जिस कारण भंडारित 1100 बोरी धान को अवैध धान (Illegal paddy) मानते हुए जब्त किया गया।प्रशासनिक अधिकारियों ने दुकान संचालक को निर्देशित किया कि जब तक धान खरीदी समाप्त नहीं हो जाती तब तक धान का उठाव या परिवहन न करे। इसके साथ ही मंडी बोर्ड के अधिकारियों को इस धान के वेरिफिकेशन के निर्देश दिए गए। सत्यापन के बाद स्पष्ट हो सकेगा कि आखिर इतनी बड़ी मात्रा में दुकान संचालक के पास धान कहां से आया। साथ ही मंडी टैक्स भी दुकान संचालक पर अधिरोपित किया जाएगा।दुकान संचालक को यह भी चेतावनी दी गई कि भविष्य में इस तरह के ध्यान का अवैध भंडारण उसके द्वारा न किया जाए। जिले में समर्थन मूल्य में धान खरीदी के लिए जिला प्रशासन सजग है जिससे खरीदी सुव्यवस्थित चल रही है। अधिकारियों के द्वारा उपार्जन केंद्रों की लगातार मॉनिटरिंग किया जा रही है तथा गड़बड़ी करने वालो पर कार्रवाई की जा रही है।
अंबिकापुर जनपद अंतर्गत खैरबार उपार्जन केंद्र के पूर्व समिति प्रबंधक समीनुद्दीन अंसारी एवं कंप्यूटर ऑपरेटर पप्पू राजवाड़े द्वारा फर्जी तरीके से दो किसानों के टोकन काटकर धान बेचने के अनुचित प्रयास करने के मामले में कोतवाली थाने (Kotwali) में भारतीय दंड संहिता 1860 की धारा 420, 511 एव 34 के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई है।
कलक्टर संजीव कुमार झा के निर्देश पर उप पंजीयक सहकारी संस्थायें द्वारा समिति प्रबंधक समीनुद्दीन अंसारी एवं कंप्यूटर ऑपरेटर पप्पू राजवाड़े के खिलाफ उक्त प्रकरण में कोतवाली थाने में 12 जनवरी को एफआईआर दर्ज कराई गई है।
अनुविभागीय दण्डाधिकारी प्रदीप कुमार साहू द्वारा मंगलवार को खैरबार उपार्जन केंद्र के निरीक्षण में समिति प्रबंधक और कम्प्यूटर ऑपरेटर की मिलीभगत से दो किसानों का करीब 124 बोरी धान फर्जी तरीके से बेचने का मामला पाया गया था जिस पर धान जब्ती एवं प्रबंधक को निलंबित करने की कार्यवाही की गई थी।

























