पुलिस ने नकली ऑयल का जखीरा बरामद की, सालभर पहले भी हुई थी कार्रवाई

करीब साल भर पहले भी खमतराई पुलिस ने गोदाम में छापा मारकर बड़ी संख्या में नकली ऑयल बरामद किया था। इसके बाद भी यह गोरखधंधा क्यों बंद नहीं हुआ? और पुलिस को फिर क्यों छापा मारना पड़ा? फिलहाल पुलिस ने गोदाम संचालक के खिलाफ कॉपीराइट एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया है।
पुलिस के मुताबिक गोल्डन मार्केट भनपुरी के पीछे राकेश पिंजवानी का गोदाम है। इसमें अलग-अलग कंपनियों के नकली इंजन ऑयल बेचा जा रहा था। इसकी भनक लगते ही खमतराई पुलिस ने गोदाम में छापा मारा। मौके से स्पार्क, हीरो एडवांस, सुपर बजाज, एक्टोल, ईडीएन, 40 प्लस, बूस्टन आदि कंपनियों के 22 हजार 500 डुप्लीकेट स्टीकर, इंजन ऑयल का खाली डिब्बा, 5 ड्रम इंजन ऑयल, 9 ड्रम आधा भरा कुल 3 हजार 136 लीटर ऑयल, दो पाउच बनाने वाली मशीन, 2 फिलिंग मशीन, पंप, इलेक्ट्रॉनिक तराजू बरामद हुआ। गोदाम संचालक नकली ऑयल बनाकर लोगों को ब्रांडेड कंपनी की बताकर बेच रहा था। पुलिस ने संचालक राकेश पिंजवानी को धारा 63, 65 और 68 कॉपीराइट एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया है। आरोपी को पुलिस ने न्यायालय में पेश किया।खमतराई पुलिस ने डुप्लीकेट इंजन ऑयल के गोदाम में छापा मारा है, लेकिन पुलिस में शिकायत करने वाला स्थानीय व्यक्ति है। किसी बड़े ब्रांडेड कंपनी का प्रतिनिधि नहीं है, जबकि गोदाम में कई ब्रांडेड कंपनियों के ऑयल बनाए जा रहे थे। पुलिस ने यह भी खुलासा नहीं किया है कि शिकायतकर्ता किसी ब्रांडेड कंपनी से जुड़ा है। इससे पूरे मामले में सवाल खड़े हो गए हैं।पुलिस के मुताबिक आरोपी के पास केवल ईडीएन और टोटा लाइन ऑयल की डीलरशिप के दस्तावेज मिले। बाकी अन्य कंपनियों का कोई दस्तावेज नहीं था। आरोपी गोदाम संचालक अवैध ढंग से उनके ऑयल की पैकेजिंग करके बेच रहा था।करीब माह भर पहले माना इलाके में राकेश पिंजवानी के भाई के गोदाम में पुलिस और इंडियन ऑयल के अधिकारियों ने छापा मारा था। गोदाम से बड़ी संख्या में नकली इंजन ऑयल बरामद हुआ था। माना पुलिस ने उसके भाई के खिलाफ कार्रवाई की थी।
























