छत्तीसगढ़ीया क्रांति सेना का प्रदेश स्तर में जबर हरेली रैली 29 जुलाई को धमतरी में ।

शुकदेव वैष्णव।धमतरी – छत्तीसगढ़ अपनी कला परंपरा लोक संस्कृति तीज त्योहार लोक नृत्य तथा अनगिनत खनिज के नाम से सदियों से पहचाने जाते है। आज राज्य में लोग छत्तीसगढ़ीया मूल संस्कृति लोक कला जीत त्यौहार को नजरअंदाज कर भुलाने लगे है। छत्तीसगढ़ में अन्य प्रदेश के लोगो की संख्या बढ़ोतरी के कारण बाहरी प्रदेशो के संस्कृति छत्तीसगढ़ में हावी होते जा रही है। छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद एक मात्र संगठन “छत्तीसगढ़ीया क्रांति सेना”जो छत्तीसगढ़ की संस्कृति बोली भाखा कला परंपरा को वर्षों से संरक्षित करते आ रही है।छत्तीसगढ़ की पहिली त्यौहार हरेली को छत्तीसगढ़ीया क्रांति सेना प्रदेश स्तर में मना रही है।जो कि हरेली रैली बिलाई माता की धरती धमतरी में प्रथम वर्ष 29 जुलाई दिन रविवार को सुबह 10 बजे से जबर हरेली की झांकी बैला गाड़ी के साथ रैली के रूप में निकालेगी। जिसमे महासमुंद जिला भर से छत्तीसगढ़ीया क्रांति सेना के हजारों सेनानी सामिल होंगे।


























