छत्तीसगढ़महासमुंद

चंदा एकत्र करके गौरटेक के ग्रामीण कर रहे हैं बांध का निर्माण

काकाखबरीलाल/भँवरपुर – बांध, तालाब में जलभराव आदि जैसे काम के निर्माण काम सरकार करती है। परंतु, सरकार की अनदेखी से आहत गौरटेक गांव के बाशिंदों ने चंदा एकत्र कर बांध बनाने का काम किया है। उन्होंने सरकार को आईना दिखाते हुए इस जटिल कार्य को मूर्तरूप देना प्रारंभ किया है । ग्रामीणों के हौसले का आभास इसी से किया जा सकता है कि विगत वर्ष ही 250 एकड़ घास भूमि से अवैध कब्जा हटाकर उसमें बांध बनाने का कार्य आरंभ किया है। गंभीर बात यह है कि बांध निर्माण के लिए शासन से किसी तरह की मदद अभी तक नहीं मिली है। इसके बावजूद भी ग्रामीण बिना हिम्मत हारी। 20 लाख रुपये आपस में चंदा एकत्रित कर कार्य को आगे बढ़ा रहे हैं। इसके बन जाने के बाद 1200 एकड़ जमीन सिंचित हो जाएगी। वहीं 22 तालाबों में भी जल भराव बना रहेगा।

1200 एकड़ जमीन हो जाएगी सिंचित

22 तालाबों में होगा जल भराव

ग्राम गौरटेक के ग्रामीणों ने एक बड़ा काम अपने हाथों में लिया है। जिसकी लोग शायद कल्पना भी नहीं कर सकते। इस अंचल के लिए यह सबसे अनुकरणीय कार्य होगा, जो स्वयं ग्रामीण जन अपना पैसा लगाकर बांध बना रहे हैं। वर्तमान में एक जेसीबी मशीन और 5 टैक्टर से काम चल रहा है। जिस स्थान पर बांध बनाया जा रहा है, बहाव उसी ओर होता है। जिस पर बारिश का पानी अब पर्याप्त भर सकेगा। बांध बन जाने से गांव के 22 सूखे तालाब जो 110 एकड़ क्षेत्र में फैला है। उसमें भी जल भराव हो जाएगा। गौरटेक के अलावा ग्राम संकरी, पितईपाली, कर्राभोना, सिंघनपुर, कुम्हारी, गौरटेक के खेतों तक भी बांध का पानी पहुंचने की उम्मीद की जा रही है।

100 फीट चौड़ा बनेगा बांध

250 एकड़ में फैले बांध की चौड़ाई 100 फीट है। जबकि इसकी ऊंचाई 35 फीट रहेगी। डेढ़ किमी यह लंबा बांध होगा। फुलझर अंचल के लिए यह ग्रमीणों की मदद से सबसे बड़ा बांध बनेगा। इसमें ढाई किमी तक जल भराव रहेगा। बारिश का पानी जो व्यर्थ में बह जाता था अब बांध में ठहरेगा। जिससे सिंचाई से लेकर गांव में जलस्तर बनाए रखने के लिए भी यह कारगर साबित होगा। गौरटेक के अलावा इस क्षेत्र के आधा दर्जन गांवों को भी इसका लाभ मिलेगा।

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काका खबरीलाल

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