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आसाराम पर दुष्कर्म मामला: आसाराम समेत तीन आरोपी दोषी करार, दो बरी, जज ने किया फैसला

आसाराम के खिलाफ दुष्कर्म के एक मामले में आज जोधपुर अदालत का फैसला आ गया है। आसाराम के साथ ही उनकी राजदार शिल्पी और शरतचंद्र भी दोषी ठहराए गए हैं, जबकि प्रमु ख सेवादार शिवा और रसोइया प्रकाश को कोर्ट ने बरी कर दिया है।। टाइम्स nov रिपोर्ट / नई दिल्ली/

नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में बुधवार सुबह जोधपुर सेंट्रल जेल में बनी एससी/एसटी विशेष अदालत की ओर से दोषी करार दिए गए आरोपी कथावाचक आसाराम समेत तीन आरोपियों की सजा का ऐलान कर दिया गया है। विशेष अदालत के जज मुधसूदन शर्मा ने मामले में के मुख्य आरोपी आसाराम को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।आसाराम के सहआरोपी शिल्‍पी और शिवा को बीस-बीस साल की सजा सुनाई गई है। इस मामले में दो और आरोपी प्रकाश और शिवा को बरी कर दिया गया है।

इससे पहले अदालत ने सुबह साढ़े 10 बजे तीनों को दोषी करार दिया था तथा सजा का फैसला लंच के बाद करने का निर्णय किया था। आपकों बता दें की 2013 अगस्त में एक 16 साल की लड़की ने आरोप लगाया था कि आसाराम ने जोधपुर आश्रम में उसके साथ यौन शोषण किया. दो दिन के बाद ही लड़की के पिता ने दिल्ली जाकर आसाराम के खिलाफ रिपोर्ट लिखवाई. पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल टेस्ट कराने के बाद केस राजस्थान पुलिस को ट्रांसफर कर दिया. राजस्थान पुलिस ने आसाराम को पूछताछ के लिए 31 अगस्त 2013 तक का समय देते हुए सम्मन जारी किया।

पुलिस के समन के बावजूद आसाराम को कोई फर्क नहीं पड़ा और वो हाजिर नहीं हुए. जब वो हाजिर नहीं हुए तो दिल्ली पुलिस ने उनके खिलाफ धारा 342, 376 और 506 के अन्तर्गत केस दर्ज किया. आरोप लगे कि आसाराम पुलिस से बचने के सारे हथकंडे अपनाते रहे. यहां तक कि ये भी आरोप लगा कि लड़की के परिवार को केस वापस लेने के लिए धमकाया गया. इंदौर में जब आसाराम प्रवचन देने पहुंचे थे, तब पुलिस पूरे फोर्स के साथ उन्हें गिरफ्तार करने पहुंची, पंडाल के बाहर आसाराम के समर्थकों ने पुलिस से मारपीट भी की. भारी हंगामे के बीच 1 सितंबर 2013 को आसाराम को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और उन्हें जोधपुर जेल शिफ्ट कर दिया गया.

सजा पर फैसला सुनाए जाने के दौरान आरोपी आसाराम बेहद परेशान नजर आया। सजा सुनाए जाने से पहले वह कोर्ट रूम में बार-बार पानी मंगवाकर पी रहा था। उससे पहले सुबह उसे दोषी करार दिए जाने के बाद आसाराम ने जेल में तबीयत खराब होने की शिकायत की थी। इसके बाद जेल के अंदर एंबुलेंस और मेडिखल स्टाफ को भेजा गया था। जांच के बाद उसे अस्पताल नहीं भेजने का निर्णय किया गया था। ऐसे में एम्बुलेंस व मेडिकल स्टॉफ को वापस भेज दिया गया था ।

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काका खबरीलाल

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