छत्तीसगढ़

प्रदेश शाकंभरी बोर्ड के अध्यक्ष रामकुमार पटेल एवं सदस्यों ने समीक्षा की बैठक….. विभाग की योजनाओं एवं गतिविधियों की लिया जायजा

विभाग के तहत संचालित प्रमुख नौ योजनाओ जैसे राज्य पोषित योजना, एकीकृत उद्यानिकी विकास मिशन, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, प्रधान मंत्री कृषि विकास योजना, परंपरागत कृषि विकास योजना, नेशनल फूड सिक्योरिटी मिशन, पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना, सब मिशन ऑन एग्रो फॉरेस्ट्री एवम पुनर्गठित राष्ट्रीय बांस मिशन की मूलभूत जानकारी से बोर्ड को अवगत कराया गया जिससे राज्य के कृषकों को लाभ प्राप्त हो सके।बोर्ड के अध्यक्ष एवम सदस्यों के समक्ष योजनाओं में प्रदान की जाने वाली सुविधा एवं अनुदान से अवगत कराया गया। योजना के कॉस्ट नॉर्म्स तथा अन्य बदलाव की आवश्यकता की चर्चा अध्यक्ष से की गई ताकि राज्य शासन के समक्ष प्रस्ताव को रखा जा सके।

टिशू कल्चर यूनिट की स्थापना की चर्चा करते हुए उद्यानिकी संचालक श्री माथेश्वरन वी ने अध्यक्ष को बतलाया कि राज्य में कुल 7 यूनिट स्थापित है जो राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि है और कृषक इसका लाभ प्राप्त कर अच्छी आमदनी कमा रहे हैं। टिशू कल्चर पद्धति से केले की खेती कर कृषक एक एकड़ से एक लाख की आमदनी प्राप्त कर सकता है। इसी तरह गेंदा की खेती से भी 70,000 से एक लाख तक एक एकड़ से आमदनी प्राप्त की जा सकती है।अपर संचालक उद्यान, श्री भूपेंद्र कुमार पांडेय ने बोर्ड के अध्यक्ष महोदय एवम सदस्यों को बताया की छोटा किसान जिसके पास खेती के लिए ज्यादा जगह न भी हो तो भी वो मशरूम की खेती एक कमरे में ही कर अच्छी आमदनी प्राप्त कर सकता है। इसका अच्छा उदाहरण है एक युवा किसान पवन जंघेल, जो कृषि में स्नातक की उपाधि प्राप्त कर अब छुईखदान में मशरूम की खेती कर रहा है एवम प्रतिदिन 100 किलो का उत्पादन कर अच्छे दाम में बेचकर अत्यधिक मुनाफा कमा रहा है।

साथ ही मधुमक्खी पालन को भी बढ़ावा देने की चर्चा बैठक में की गई जो की प्रमुख रूप से राज्य में सरगुजा जिले में किया जा रहा है। बलरामपुर में मधुमक्खी पालन का उदाहरण देते हुए उप संचालक उद्यान श्री नीरज शाहा ने बताया की महिला स्व सहायता समूह द्वारा मधु मक्खी पालन से 45 दिनों में 90 किलो शहद प्राप्त कर अच्छा मुनाफा कमाया गया है। मधुमक्खी पालन का एक यह भी फायदा है की ये उत्पादन बढ़ाएगा किसान का।

उप संचालक उद्यान श्री मनोज कुमार अम्बष्ट ने अध्यक्ष महोदय को विभाग की सबसे प्रमुख योजना “बाड़ी विकास” से परिचय कराते हुए कहा की आज उद्यानिकी विभाग प्रमुखतः बाड़ी के नाम से ही राज्य में प्रचलित है। इसमें महिलाओं का सराहनीय योगदान रहा है। योजना प्रारंभ होने से अब तक की स्थिति में सामुदायिक बाड़ी योजना से 1.33 करोड़ का लाभ प्राप्त किया जा चुका है। कुल 945 सामुदायिक बाड़ी 545.7 हेक्टेयर के रकबे में संचालित है जिसमे लगभग 10,000 सदस्य उद्यानिकी कर रहे हैं। बाड़ी की संख्या एक लाख तक बढ़ाने का लक्ष्य है।
बोर्ड के अध्यक्ष श्री रामकुमार पटेल जी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा की विभाग की योजनाओं की जानकारी लेना बोर्ड को अति आवश्यक है ताकि विभाग के माध्यम से योजनाओं का लाभ छोटे से छोटे किसानों तक पहुंचाया जा सके। विभाग की समस्त योजना कृषकों के लिए लाभकारी है एवम उनके आय में वृद्धि लाने सहायक है।
बैठक में शाकम्भरी बोर्ड के सदस्य श्री दुखुवा पटेल, श्री हरी पटेल, श्री अनुराग पटेल एवं श्री पवन पटेल ने भी विभाग की योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की एवम अपने विचार साझा किए। सदस्यों ने बताया की सामुदायिक फेंसिंग योजना उनके कृषकों के लिए काफी लाभप्रद रहेगी। पौधों की विलुप्त होती प्रजाति की चर्चा करते हुए सदस्यों ने बतलाया की कोंडागांव में कुर्लू का पौधा हुआ करता था जो अब कम देखने को मिलता है। इसका पुनः पौध रोपण चलाए जाने से लाभ होगा।

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छत्तरसिंग पटेल

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