तने काटने से कुछ नहीं होगा,जड़ से उखाड़ फेंकना होगा :जन्मजय

काकाखबरीलाल@ सरायपाली। वंदे मातरम् सेवा संस्थान छत्तीसगढ़ के उपाध्यक्ष एवं गोपनाथ आश्रम विद्या मंदिर जोगनीपाली के संचालक जन्मजय नायक ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि- प्रजातांत्रिक व्यवस्था में आम जनता द्वारा चुने हुए जन-प्रतिनिधियों के बहुमत के आधार पर राजनीतिक दलों की सरकारें आती हैंऔर चली जाती हैं।किन्तु आज जनता की कई ऐसी समस्याएँ हैं जो जस के तस बनी रहती हैं।इस तरह की समस्याओं में नशा-खोरी समाज में एक सामाजिक समस्या रही है।हालांकि पूर्ववर्ती सरकारों ने नशा मुक्ति के लिए कुछ प्रयासअवश्य किए हैं,आबकारी नीतियाँ एवं अधिनियम बनाए गए किन्तु शायद दृढ़ इच्छा शक्ति के अभाव में इस दिशा में विशेष उपलब्धियाँ हासिल नहीं की जा सकी। नायक ने आगे कहा है -शासन-प्रशासन,विविध संस्थानें इस दिशा में एक लंबे समय से नशा मुक्त समाज के लिए चेतना और जागरुकता अभियान चलाते आ रही हैं जो केवल नशा रूपी पेड़ के केवल तने को काट रही हैं।अगर इससे मुक्ति पानी है तो इसे समूल जड़ से उखाड़ फेंकना होगा।न रहेगा बाँस न बजेगी बाँसुरी अर्थात् तमाम नशीले मादक द्रव्यों एवं नशीले पदार्थों का उत्पादन बंद करना होगा।देश के लिए ऐसा राजस्व आमदनी किस काम का जो जहर परोसकर प्राप्त करे।नायक ने आगे कहा है कि ये देश की सबसे बड़ी विडम्बना और विरोधाभास है कि एक ओर जहाँ शासन-प्रशासन तमाम नशीले मादक द्रव्यों एवं नशीले पदार्थों का उत्पादन कर सर्व सुलभ करा रही है वहीं दूसरी ओर नशामुक्त समाज की परिकल्पना करअनेकों चेतना और जागरूकता केअभियान चलाते आ रही है।नायक ने इस दिशा में अपनी राय सुझाते हुए कहा है कि शासन-प्रशासन नशीले चीजों के उत्पादन को बंद करने का साहसिक कदम उठाए तो इससे अनेक घर उजड़ने से बच जाऐंगे,नशे से होने वाली बड़ी-बड़ी बीमारियों से बच जाऐंगे।अनेक बच्चों को सही व उच्च शिक्षा,रोटी कपड़ा मकान नसीब हो पाएगा और नशामुक्त देश समृद्ध व विकसित होगा।देश की खुशहाली में चार चांद लगेंगे।
























