रायगढ़ (काकाखबरीलाल) . यह खबर छत्तीसगढ़ के उस चोर की है जो अपने दिल में काफी अरमान लिए और अपनी जिंदगी बदलने के लिए रिस्क उठाते हुए बैंक में सेंध लगाता है, वहां उसे नोट तो नहीं मिले लेकिन सिक्कों से भरी थैलियां मिली यह चोर उन थैलियों को लेकर खुशी-खुशी अपने घर आ गया। पुलिस उस तक न पहुंच सके इस डर से वह थैलियों को छिपाकर घटनास्थल से काफी दूर दूसरे जिले में जाकर मजदूरी का काम करने लगा, ताकि जब पुलिस सुस्त हो जाए तब वह घर आ सके और बैंक से चोरी किए हुए सिक्कों से अपनी जिंदगी संवार सके लेकिन, उसका पीछा करते-करते पुलिस मैं आखिरकार चोर को कुछ समय बाद पकड़ ही लिया। जब चोरी के सिक्कों को गिना गया तो सभी हैरान थे । चोरी के जिन सिक्कों के वजह से चोर की तलाश थी वह सिक्के महज 7 हजार 5 सौ रुपए ही निकले…। अब इतने से रुपयों के लिए उसे हवालात की सैर भी करनी पड़ गई…। आखिरकार चोर अपनी किस्मत के हाथों ठगा गया!
दिनांक 24-25/05/2021 के दरम्यानी रात रायगढ़ जिला अंतर्गत लैलूंगा पीएनबी बैंक के पीछे दीवार में सेंधमारी ( घुसने की जगह ) कर अज्ञात आरोपी बैंक से सिक्कों की बोरी चुरा ले गया था । घटना की जानकारी मिलने पर लैलूंगा पुलिस मौके पर पहुंच कर मौका मुआयना कर अज्ञात आरोपी की पतासाजी के लिये क्षेत्र में मुखबिर लगाया था । घटना की रिपोर्ट दिनांक 25/05/2021 को शाखा प्रबंधक निर्मल कच्छप द्वारा लैलूंगा थाने में दर्ज कराया गया था , रिपोर्ट पर अज्ञात आरोपी के विरूद्ध धारा 457,380 भारतीय दंड विधान दर्ज कर विवेचना में लिया गया ।
बैंक में नकबजनी की घटना को गंभीरता से लेते हुये पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह द्वारा एसडीओपी धरमजयगढ़ को शीघ्र आरोपी की पतासाजी हेतु निर्देशित किए । साथ ही उनके द्वारा डीएसपी अंजु कुमारी को जांच टीम को सहयोग करने लैलूंगा रवाना किया गया ।
विवेचना टीम को पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह, एडिशनल एसपी अभिषेक वर्मा द्वारा लगातार दिशा निर्देश दिया जा रहा था , जिनका पालन कर थाना प्रभारी लैलूंगा निरीक्षक एल.पी. पटेल द्वारा लगाए गए मुखबीरों से सम्पर्क कर अज्ञात आरोपी के संबंध में जानकारी ली जा रही थी । इसी बीच उन्हें योगेश प्रधान पिता अंजनी प्रधान 22 साल निवासी बेहरापारा लैलूंगा को बैंक के पीछे घटना दिनांक के दरमियानी रात संदिग्ध हालत में देखे जाने की सूचना मिली । संदेही की तस्दीक पर वह घटना के बाद से ही फरार था, लैलूंगा पुलिस को संदेही योगेश प्रधान पर संदेह और बढ़ा । संदेही के मोबाइल कॉल डिटेल आदि की जानकारी साइबर सेल से निकालने तथा गवाहों द्वारा दिनांक 24-25/05/2021 को बैंक के पीछे योगेश प्रधान को देखना बताये जिसके बाद आरोपी की पतासाजी, गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक के निर्देशन पर डीएसपी अंजू कुमारी की अगवाई में सहायक उपनिरीक्षक जीपी बंजारे, प्रधान आरक्षक सोमेश गोस्वामी, आरक्षक जोन प्रकाश एक्का, मयाराम राठिया, महिला आरक्षक सुनीता लकरा की टीम भिलाई जवाहर नगर सुपेला रवाना हुई । जहां लगातार दो दिनों तक आरोपी के लोकेशन पर दबिश दिया गया, अन्तत: घटना का मास्टरमाइंड योगेश प्रधान पुलिस के हाथ आया जिसे हिरासत में लेकर थाना लाया गया, कड़ी पूछताछ पर आरोपी द्वारा घटना को अंजाम देना स्वीकार किया है और बताया कि चोरी के बाद सिक्कों को छिपाकर सुपेला चला गया था जहां रोजी मजदूरी का काम करने लगा। आरोपी योगेश प्रधान का रायगढ़ के लैलूंगा, चक्रधरनगर क्षेत्र एवं पत्थलगांव के गाला क्षेत्र के नकबजनों से मेल मिलाप हैं किन्तु आरोपी द्वारा अकेले ही घटना को अंजाम देना बताया है । आरोपी के मेमोरंडम पर टाई रॉड, आरी पत्ती, चाकू, वायर काटने का कटर, हथौड़ा, बेधना, पान्हा, फाइलर रेती वगैरह चोरी में इस्तेमाल किए गए तीन थैले जिसमें ₹2500- ₹2500 कुल ₹7,500 बरामद किया गया है । आरोपी को आज दिनांक 03/06/2021 के दोपहर गिरफ्तार कर रिमांड पर भेजा गया है ।