
रायगढ़(काकाखबरीलाल)। स्कूल में पढ़ते-पढ़ते नाबालिगों में प्रेम हो गया। दोनों ने सही उम्र आने पर शादी का वादा किया और मेल जोल बढ़ने लगा। इसके बाद लड़की लड़के पर शादी के लिए दबाव बनाने लगी, लेकिन लड़का किसी न किसी बहाने टालता रहा। ऐसे में मामला थाने तक जा पहुंचा। यहां दोनों को समझाइश दी गई और कहा गया कि लड़के के 21 साल पूरे होने पर शादी करा देंगे। स्टांप पेपर में लिखा पढ़ी भी हुई लेकिन लड़की और उसके स्वजनों ने हस्ताक्षर करने से मना कर दिया। इसके बाद मामला कुछ दिनों तक शांत रहा फिर एक रात लड़की अपनी मां के साथ लड़के के घर पहुंची और कहने लगी कि बिना बात किए नहीं रह पा रही है।
इसके बाद फिर दोनों में बातचीत का सिलसिला चल पड़ा। लड़की इस दौरान भी लड़के पर शादी के लिए दबाव बनाती रही। उम्र और बेरोजगारी का हवाला देकर लड़का और उसके परिजन शादी से मना करते रहे। इसके बाद भी बात नहीं बनने पर लड़की लड़क के घर आकर रहने लगे। लड़के के बेरोजगार होने के कारण आर्थिक परेशानी बढ़ने लगी।
तब लड़की के माता-पिता ने लड़के के लिए कुछ काम धाम का भरोसा दिलाकर अपने पास बुला लिया और एक किराए का मकान दिला दिया। यहां लिखा पढ़ी कराई गई कि हम स्वेच्छा से पति-पत्नी की तरह रह रहे हैं। कुछ दिन बाद गांव में फिर से बैठक कराई गई और लड़की ने साथ नहीं रह पाने की बात कहते हुए लड़के के स्वजनों से चार लाख रुपए की मांग की गई।
इस पर लड़के के स्वजनों ने राशि दे पाने में असमर्थता जताई। इसके कुछ दिन बाद लड़की अपनी मां के साथ थाना पहुंची और लड़के के खिलाफ दैहिक शोषण का मामला दर्ज करा दिया। पुलिस ने शिकायत पर तत्परता दिखाते हुए दुष्कर्म का मामला दर्ज कर लड़के को पकड़ लिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।























