राजनांदगांव

पूरी करनी थी किसी की अधूरी ख्वाहिश…अमेरिका में रहने वाला युवक ‘बैलगाड़ी’ में बारात लेकर पहुंचा दुल्हन के द्वार, जानिए

राजनांदगांव(काकाखबरीलाल)। हम सबकी कुछ न कुछ इच्छाएं होती है। कुछ ख्वाहिशें होती है, कुछ सपने होते हैं। कुछ अरमान होते हैं, लेकिन जरुरी नहीं कि ये सारे पूरे हो ही जाएं। अपनी शादी और बारात को लेकर एक सपना राजनांदगांव जिले के कोबरा बटालियन के एक जवान ने भी देखा था। लेकिन देह में हल्दी लगती, सिर पर सेहरा सजता, इससे पहले ही वो तिरंगे में लिपटकर विदा हो गया। क्या था उस शहीद का अरमान और कैसे पूरी हुई एक अधूरी ख्वाहिश। आइए जानते हैं-दरअसल, जंगलपुर में रहने वाला कोबरा बटालियन 204 का जवान पूर्णानंद इसी साल फरवरी महीने में नक्सलियों से मोर्चा लेते हुए शहीद हो गया था। उसकी ख्वाहिश थी कि वो अपनी शादी में बैलगाड़ी से बारात लेकर जाए। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। अब 11 महीने बाद जब पूर्णानंद की बहन ओनिशा की शादी तय हुई, तो उसके होने वाले पति शैलेंद्र को इस बात का पता चला। फिर उसने पूर्णानंद की अधूरी ख्वाहिश पूरी करने बैलगाड़ी पर ही बारात ले जाने का फैसला किया। जबकि शैलेंद्र अमेरिका में एक कंपनी में काम करता है। बैलगाड़ी की ये बारात सैकड़ों कारों के काफिले और हाथी-घोड़ों की बग्गी पर भारी थी। 

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