रायपुर

आखिर क्या ऐसी वजह है कि बस ऑपरेटरों ने खड़ी कर दीं बसें

रायपुर(काकाख़बरीलाल)।यात्रियों के लिए अंतरजिला यात्री परिवहन सेवा को नियमित संचालन सोमवार को शुरू किया गया। सुबह सभी जिला मुख्यालय से 20 फीसदी बसें रवाना हुई, लेकिन दोपहर बाद ही 5 फीसदी बसों तक सिमटकर रह गई। शुरुआत करते ही प्रत्येक फेरा में 10 से 12 यात्रियों के मिलने से परेशान ऑपरेटरों ने बसों को रोक दिया।

बताया जाता है कि शाम को छोटी बस मालिकों की बैठक हुई, जिसमें सप्ताह भर तक हालात देखने के लिए बसों को बंद करने का निर्णय लिया गया है। उनका कहना है कि यात्रियों के नहीं मिलने से वे नुकसान में कितने दिन इसका संचालन करेंगे। दिनभर में 2000 का डीजल फूंकने के बाद मात्र 500 रुपए की आवक हुई है। राज्य का सबसे व्यस्त और सर्वाधिक यात्रियों वाला रायपुर-दुर्ग मार्ग पर सुबह 30 यात्री बसों से शुरुआत की गई थी। लेकिन किसी भी बस में 10 से ज्यादा यात्री नहीं थे। बताया जाता है कि यात्रियों के इंतजार में विलंब से बसों को रवाना किया गया।

कार ट्रेवल्स के संचालन सोनू कसार ने बताया कि रायपुर से खरोरा-आरंग के बीच दो बसों का संचालन निर्धारित गाइडलाइन का पालन करते हुए शुरू की गई थी। दिनभर में 3000 का डीजल जलाने के बाद पहली बस में 1350 रुपए और दूसरी बस में 1100 रुपए का नुकसान झेलना पड़ा। छत्तीसगढ़ यातायात महासंघ के अध्यक्ष प्रकाश देशलहरा ने बताया कि यात्रियों की संख्या को देखते हुए यूनियन स्तर पर बातचीत हुई है। एक सप्ताह के भीतर यात्रियों की संख्या में इजाफा नहीं होने की स्थिति में संचालन को लेकर नए सिरे से विचार किया जाएगा।

थोक के हिसाब से जमा हुए बसों के दस्तावेज
बस मालिकों ने नुकसान से बचाने अपने वाहनों का दस्तावेज स्थानीय आरटीओ दफ्तर में जमा कर दिया। सभी जिला कार्यालय में सुबह सेलेकर शाम तक आई और एम फार्म जमा करने वालों की भीड़ लगी हुई थी। परिवहन विभाग के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि 6 जुलाई को अंतिम दिन होने के कारण थोक के हिसाब से बसों के दस्तावेज जमा हुए हैं। इसमें छोटे से लेकर बड़े बस मालिक शामिल हैं। उनके द्वारा गिनती के कुछ बसों को छोड़कर सभी को खड़ी रखने का निर्णय लिया गया है। बता दें कि राज्य सरकार के निर्देश पर असंचालित बसों का टैक्स में छूट दी गई है।

सिर्फ 20% बसों का संचालन फिर भी ये हालात
यातायात महासंघ के उपाध्यक्ष अनवर अली का कहना है कि पहले रविवार को बसों का संचालन करने पर 16 हजार का नुकसान झेलने पड़ा। गिनती के यात्री को लेकर बसों को जगदलपुर रवाना किया गया था। बसें शुरू करने के बाद यात्रियों का इंतजार किया जा रहा है। बस संचालन करने की अनुमति मिलने के बाद उन्हें जितनी संख्या में सवारी मिलने की उम्मीद थी, इसके विपरीत बसों में सवारी नहीं मिलने से बस ऑपरेटर निराश हैं। सरकार से बातचीत के बाद सभी मांगों के लिए 20 प्रतिशत बसों का संचालन शुरू किया गया है। पहले दिन लंबी दूरी की सवारियों की संख्या महज गिनती के रहे।

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Ramkumar Nayak

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