निजी दुकानों में काम करने वाले लोगों में वेतन को लेकर है चिंतित

(सरायपाली काकाखबरीलाल). विगत 21 मार्च से शहर के सभी दुकानें बंद है केवल अतिआवश्यक समान के दुकानें ही खुली है। 13 मार्च से सभी शैक्षणिक संस्थाओं को भी बंद कर दिया गया है। जो आगामी 14 अप्रैल तक बंद रहेगा। लेकिन जैसे, फैली, मोबाइल, शोरूम, आटो पाटस, चप्पल ढाबा, होटल, इन सभी बंद पडे़ दुकानो में शहर सहित ग्रामीण के कई कर्मचारी काम करते हैं। जिनका परिवार केवल वेतन के भरोसे चलता है। दुकानें बंद होने के कारण वे काम पर नहीं आ पा रहे हैं। और आगामी 14 अप्रैल तक दुकानें बंद रहेंगी। इस बीच उनके 25 दिनों के बनने वाले वेतन को लेकर चिंतित है। शासन द्वारा प्राईवेट स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों के स्कूल बंद रहने के दौरान बनने वाले वेतन को नहीं काटने का निर्देश दिए गए हैं। अगर कोई स्कूल शिक्षकों का वेतन काटता है, तो उस स्कूल की मान्यता रद हो जायेगी। इसी प्रकार प्राईवेट दुकानो में काम करने वाले कर्मचारियों को भी उम्मीद है कि, दुकान बंद रहने के दौरान उनके वेतन को नहीं काटा जायेगा। लेकिन शासन द्वारा प्राईवेट दुकानो में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए कोई विचार नहीं किया गया है। लेकिन प्राईवेट दुकानो में काम करने वाले कर्मचारियों उम्मीद है कि सरकार इस दिशा में जरूर विचार करेगी और वेतन नहीं देने वाले दुकानो के लाइसेंस रद्द कर सकती है।

























