
रायपुर(काकाखबरीलाल)। छत्तीसगढ़ में बढ़ते कोरोना संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए सरकार ने 6 अगस्त तक लॉकडाउन बढ़ाने का निर्णय ले लिया। 28 जुलाई (मंगलवार) को लॉकडाउन-1 की समयावधि समाप्त होने जा रही है, इसके पहले ही सोमवार को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय बैठक में यह माना गया कि लॉकडाउन-1 के परिणाम बेहतर रहे हैं। सैंपलिंग, टेस्टिंग, कांटेक्ट्र टेसिंग में इस दौरान काफी मदद मिली है। लोगों के मूवमेंट कम होने से वायरस स्प्रेड का खतरा कम हुआ है।
चिल्हर-थोक व मिठाई दुकानों को भी निर्धारित अवधि तक की अनुमति
राज्य सरकार के 6 अगस्त तक लॉकडाउन बढ़ाने के फैसले के बाद राजधानी में 2 दिनों के लिए किराना थोक एवं फुटकर दुकानों समेत डेलीनीड्स की दुकानें खोलने की अनुमति मिल गई है। 29 जुलाई और 30 जुलाई को 2 दिन के लिए सुबह 6 बजे से 10 बजे तक किराना दुकान खुली रहेंगी। किराना दुकानों में ही राखी भी बेचने की अनुमति होगी। जिला प्रशासन ने यह छूट इस लिए दी है क्योंकि 30 जुलाई को बकरी और 3 अगस्त को रक्षाबंधन का त्योहार है। देर रात कलेक्टर एस. भारतीदासन ने छह अगस्त तक के लिए लॉकडाउन बढ़ाए जाने संबंधी आदेश भी जारी कर दिए। कलेक्टर रायपुर ने इस संबंध में बताया कि सिर्फ त्योहार के कारण राहत दी जा रही है। मिठाई दुकानें भी निर्धारित अवधि तक खुली रहेंगी, इसके अलावा बैंकों को भी तीन बजे तक खोलने की अनुमति प्रदान की गई है। इसके अलावा भोजन की होम डिलीवरी सुविधा को भी बहाल किया गया है।
वहीं दुर्ग कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर भुरे ने कहा कि मंगलवार को लॉकडाउन के आदेश जारी कर दिए जाएंगे। दुर्ग में 29 और 30 जुलाई को सुबह 6 से 10 बजे तक किराना दुकान खुली रहेंगी। बिलासपुर कलेक्टर सारांश मित्तर ने कहा कि लॉकडाउन पर निर्णय परिस्थिति देखकर लिया जाएगा। इस मामले में एक दो दिन में आदेश जारी कर दिए जाएंगे। वर्तमान में 23 से 31 अगस्त तक का लॉकडाउन जारी है।
सूत्र बताते हैं कि बैठक में स्वास्थ्य विभाग की तरफ से आने वाले तीज-त्योहारों का हवाला दिया गया। कहा गया कि अगर लॉकडाउन खुलेगा तो आवाजाही बढ़ेगी। स्थिति के और बिगड़ने का खतरा है। h gb बात को स्वीकार किया। तय किया गया कि कलेक्टर अपने जिलों की परिस्थितियों को देखते हुए लॉकडाउन बढ़ाएं।
डीएमएफ फंड से करें मेडिकल स्टाफ की नियुक्त : बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि उन्हें कोरोना मरीजों के इलाज के लिए बेड की संख्या बढ़ाने, लैब तकनीशियन, एएनएम और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की आवश्यकता पड़ेगी। इसकी पूर्ति जिला खनिज निधि न्यास मद (डीएमएफ) से की जाएगी।
























