
- हरदी हवाई पट्टी: नवीनीकरण के लिये 12 करोड़ का प्रस्ताव
- लोक निमार्ण विभाग ने भेजा शासन को प्रस्ताव,
- भविष्य में सारंगढ़ से हो सकती है हवाई सेवा की शुरूवात,
- प्रदेश का तीसरा बड़ा हवाई पट्टी सारंगढ़ में है मोहन भाठा हवाई पट्टी
- द्धितीय विश्व युद्ध के समय इसका हुआ था उपयोग,
सारंगढ़ से 6 किमी दूर हरदी गांव के पास स्थित मोहनभाठा हवाई पट्टी के लिये लोक निमार्ण विभाग के द्वारा 12 करोड़ रूपये के प्रस्ताव को बजट में जोडऩे के लिये प्रस्ताव पारित किया है। लोक निमार्ण विभाग के कार्यापालन यंत्री ने जानकारी दिया है कि उक्त हवाई पट्टी के लिये 12 करोड़ रूपये का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा जा रहा है। जिससे आने वाले दिनो में प्रदेश में शुरू होने वाले घरेलू हवाई सेवा में सारंगढ़ के इस हवाई पट्टी का उपयोग हो सकता है।
- इस संबंध मेें मिली जानकारी के अनुसार लोक निमार्ण विभाग के कार्यापालन यंत्री ने सारंगढ़ के हरदी गांव के पास स्थित मोहनभाठा हवाई पट्टी के नवीनीकरण करने के लिये 12 करोड़ रूपये की प्रस्ताव को राज्य शासन को बजट में जोडऩे के लिये प्रेषित किया है। सूत्रो की माने तो कोड़ातराई हवाई पट्टी के विस्तार में आ रही दिक्कत तथा जिंदल एयर स्ट्रीप के द्वारा घरेलू विमान सेवा के लिये एक निर्धारित अवधि तक ही अपने एयर स्ट्रीप के उपयोग के अनुमति प्रदान करने के कारण से पीडब्लूडी के अधिकारियो का ध्यान हरदी में स्थित हवाई पट्टी पर पड़ी है। आजादी के पूर्व सारंगढ़ रियासत के राजा और अन्य हस्तियो कें आवागमन के लिये सारंगढ़ रियासत के द्वारा हवाई पट्टी का निमार्ण किया गया है। छत्तीसगढ़ में रायपुर में माना हवाई पट्टी तथा बिलासपुर में चकरभाठा हवाई पट्टी के साथ साथ सारंगढ़ में मोहनभाठा हवाई पट्टी आजादी के पूर्व का है। सूत्र बताते है कि सारंगढ़ के हरदी में स्थित इस हवाई पट्टी का उपयोग द्धितीय विश्व युद्ध के समय भी किया गया था। वही आजादी के बाद लगभग बीच बीच में इस हवाई पट्टी का उपयोग देश के व्हीआईपी लोगो के सारंगढ़ आगमन पर किया जाता रहा है। किन्तु बीते 20 वर्षो से इस हवाई पट्टी का उपयोग नही हो रहा है तथा यह हवाई पट्टी खाली पड़ा है। इस हवाई पट्टी का उपयोग करने के लिये लोक सुराज में भी कई आवेदन शासन को गया था। वही लोक निमार्ण विभाग के द्वारा भी इस हवाई पट्टी का नवीनीकरण हेतु सुध लिया जा रहा है तथा 12 करोड़ रूपये का प्रस्ताव बनाकर राज्य शासन को भेजा गया है। अगर राज्य शासन के द्वारा इस प्रस्ताव को स्वीकार कर बजट में शामिल कर इस हवाई पट्टी के नवीनीकरण को स्वीकृति प्रदान कर दिया जाता है तो रायगढ़ जिला में सबसे बड़ा हवाई पट्टी में हवाई सेवा शुरू हो सकती है। हालांकि छत्तीसगढ़ में 15 मई से शुरू हो रहे घरेलू विमान सेवा में रायगढ़ से रायपुर के लिये विमान सेवा की अनुमति मिली है तथा उसके लिये जिंदल के एयर स्ट्रीप का उपयोग किया जा रहा है किन्तु आने वाले समय में जब रायगढ़ से सारंगढ़ की सडक़ तथा कनेक्विटी मजबूत हो जायेगी तब शायद हरदी हवाई पट्टी का उपयोग शासन कर सकती है।
हरदी बन रहा है जंक्शन?
सारंगढ़-रायगढ़ नेशनल हाईवे रोड़ पर सारंगढ़ से 6 किलोमीटर की दूरी पर हरदी गांव स्थित है। इस गांव की पहचान यहा पर स्थित हवाई पट्टी के लिये मुख्य है। वही सारंगढ़ के लिये बन रही बाईपास रोड़ भी हरदी से मानिकपुर के लिये निकल रही है और अब बसना होते हुए नया रोड़ का स्वीकृति की जानकारी में भी नया रोड़ हरदी में आकर मिलने वाला है। ऐसे में हरदी गांव ट्रांसपोर्ट की नजर से जंक्शन हो जायेगा। सराईपाली और उड़ीसा की ओर से आने वाली सडक़ और बसना से सरसीवां की ओर आने वाली सडक़ हरदी के पास मिल रही है वही अब अगर हरदी हवाई पट्टी का पुर्ननिमार्ण हो गया और हवाई सेवा में इस हवाई पट्टी का उपयोग कर दिया गया तो प्रदेश के नक्शे में हरदी गांव का विशेष उल्लेख आ जायेगा।
- प्रदेश में शुरू हो रहा है घरेलू हवाई सेवा
- छत्तीसगढ़ में 15 अप्रैल से 10 रूट पर घरेलू हवाई सेवा शुरू हो रही है जिसमें से रायगढ़ से रायपुर की भी घरेलू हवाई सेवा शुरू होग। यहा पर एयर उड़ीसा को अनुमति प्राप्त हो गई है। रायगढ़ मे हवाई सेवा शुरू होने के बाद भी शासन के पास हवाई पट्टी को लेकर समस्या बनी हुई है। कोड़ातराई का हवाई पट्टी में भूमि अधिग्रहण का पेंच फंसा हुआ है तथा वर्तमान में हवाई पट्टी बहुत छोटा है ऐसे में कामचलाने के लिये अभी जिंदल की हवाई पट्टी से काम चलाया जा सकता है किन्तु भविष्य में कोड़ातराई हवाई पट्टी का विस्तार या सारंगढ़ के हरदी हवाई पट्टी का उपयोग के रूप में शासन के पास दो विकल्प मौजूद रहेगेंं। जिसके कारण से हरदी से भी घरेलू हवाई सेवा प्रारंभ होने की संभावना को बल मिल रहा है।






















