
रिपोर्टर – नंद किशोर अग्रावल-
काकाखबरीलाल पिथौरा – शासकीय चन्द्रपाल डड़सेना महाविद्यालय में स्वामी विवेकानंद जयंती युवा दिवस के रूप में बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। सर्वप्रथम स्वामी विवेकानंद के तैल चित्र पर गुलाल एवं पुष्प अर्पित किया गया। स्वामी विवेकानंद के जीवन पर प्रकाश डालते हुए प्राचार्य एसएस तिवारी ने कहा कि विवेकानंद बड़े स्वपन्द्रष्टा थे। उन्होंने एक नये समाज की कल्पना की थी, ऐसा समाज जिसमें धर्म या जाति के आधार पर मनुष्य-मनुष्य में कोई भेद नहीं रहे। उन्होंने वेदांत के सिद्धांतों को इसी रूप में रखा। आज के युवाओं को इनसे प्रेरणा लेनी चाहिए।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के अध्यक्ष प्रियांशु दीक्षित ने कहा कि स्वामी विवेकानन्द ने अपना जीवन अपने गुरुदेव श्रीरामकृष्ण को समर्पित कर चुके थे। गुरुदेव के शरीर-त्याग के दिनों में अपने घर और कुटुम्ब की नाजुक हालत की चिंता किये बिना, स्वयं के भोजन की चिंता किये बिना वे गुरु-सेवा में सतत संलग्न रहे। उनके इस महान व्यक्तित्व की नींव में थी ऐसी गुरुभक्ति, गुरुसेवा और गुरु के प्रति अनन्य निष्ठवान थे। कार्यक्रम को प्रोफेसर एसएस दिवान, प्रोफेसर पीके रवि, एनएसएस कार्यक्रम प्रभारी प्रमिला नागवंशी व चंद्रहास पटेल ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर सचिन अग्रवाल, अभिनव शुक्ला, राहुल अग्रवाल, प्रतीक बोस, सचिन चौहान, देव पटेल, मोनू अग्रवाल, तामेश छबि यादव सहित अन्य छात्र उपस्थित थे।























