
महासमुंद। शहर में अवैध कब्जा की बाढ़ आ गई है, लगातार शासकीय भूमि पर हो रहे कब्जे एवं उनपर कार्रवाई नहीं होने पर नगर पालिका एवं जिला प्रशासन की कार्यवाही पर प्रश्नचिन्ह उठाते हुए जिला योजना समिति के सदस्य एवं कांग्रेस पार्षद विजय साव ने कहा कि सरकारी सिस्टम पुंजीपतियों के आगे बेबस नजर आ रहा है। कब्जाधारियों पर कार्रवाई केवल नाम मात्र की हो रही है। शहर में लगातार शासकीय जमीन पर कब्जा किया जा रहा है। जिससे अब शासकीय भूमि न के बराबर नजर आ रही है। आने वाले दिनों में यदि कब्जाधारियों पर कार्रवाई नहीं होती तो यह सिलसिला आगे बढ़ते हुए कुछ वर्षो में जिला मुख्यालय के पास सरकारी कार्यो के लिए भूमि नहीं बचेगी। जो एक बड़ी समस्या है।
विजय ने कहा कि शहर में कुछ कालोनी अवैध रुप से बनाए गए हैं। पिटियाझर मार्ग में हजारो वर्गफिट शासकीय जमीन पर कब्जा कर ली गई है। लगातार कब्जा होते जा रहा हैं। मुख्य मार्ग को देखने से ही पता चलता है कि सड़क लगातार संकरी होते जा रही है। मुख्य मार्ग के किनारे कब्जा से आवागमन में परेशानी हो रही है। शहर में ट्रेफिक की समस्या का प्रमुख कारण है कि कब्जा कर दुकान आगे तक बढ़ा लेना। बीटीआई रोड़ में जगह-जगह कब्जा हो गया है। यहां कब्जा कर दुकान बनाई जा रही है।प्रशासन जानकार भी अनजान बना हुआ है। जिस पर कार्रवाई के लिए अनेक बार शिकायत की जा चुकी है। पालिका के पार्षदों ने कई बार एसडीएम से लेकर मुख्य नगर पालिका अधिकारी को लिखित शिकायत की जा चुकी है। बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। बल्कि गरीब ठेला संचालक ओ फुटपाथी व्यवसायियो पर ही कार्यवाही कर जिम्मेदारी से इतिश्री किया जा रहा है।जिससे अधिकारियों के लिए कार्यप्रणाली पर भी प्रश्न चिन्ह उठना लाजमी है। इस मामले को लेकर आगामी दिनों में उच्चाधिकारियों से शिकायत की जाएगी।
कार्यवाही करना गलत – श्री साव ने आगे कहा कि नगर पालिका द्वारा बड़े पुंजीपतियों द्वारा हजारों वर्गफीट पर कब्जा व दुकान बनाने वाले व्यवसायियों पर कभी कार्रवाई नहीं की जाती बल्कि उन गरीब ठेले व खोमचे वालों पर कार्रवाई करते हैं जो दो वक्त के रोटी के लिए दुकान खोलते हैं। उनसे जुर्माना वसूला जाता है। चौपाटी योजना बने 5 वर्ष से अधिक बीत गए। अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई अब ठेला संचालक सड़क किनारे दुकान संचालन नहीं करे तो आखिर कहां जाए। उनके लिए जगह का निर्धारण भी किया जाना चाहिए।




















