सरायपाली :सूअरों के आतंक से फसल प्रभावित किसान परेशान

सुअरों के आतंक से सरायपाली के आसपास के क्षेत्रों से सैकड़ों किसान परेशान है। किसानों द्वारा खेतों में लगाई गई धान की फसल को आस-पास क्षेत्र के सुअर बर्बाद कर रहे हैं। जिसके चलते किसानों को फायदा तो दूर नुकसान अधिक दिखाई दे रहा है। बैदपाली रोड स्थित वार्ड नंबर 7 मवेशी बाजार के पीछे तथा चर्च के पीछे के दर्जनों किसानों के फसलों को सुअरों की वजह से काफी नुकसान हुआ है।
किसान गणेश प्रसाद, डोलामणी नंद, दिनेश प्रसाद, दिनेश प्रधान, हीरालाल प्रजापति, दशरथ प्रजापति, कुलिया राउत,
मनीष गुप्ता, मुकेश पुजारी आदि ने बताया कि इन दिनों खेतों में हल्के धान फसल की कटाई की जा रही है। वहीं कुछ धान फसल खड़ी है। लेकिन, सुअरों के कारण धान की फसल को नुकसान हो रहा है। किसानों ने बताया कि यहां मवेशी बाजार के पीछे नगर पालिका के
सफाई कर्मचारी रहते हैं और उनके द्वारा ही सैकड़ों सुअरों को पाला गया है। लेकिन उनके चराने की कोई व्यवस्था नहीं है, इसलिए वे सभी सुअर को खुले में छोड़ देते हैं। वे सुअर ही खेतों में आकर सारे फसल को बर्बाद कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि मवेशी बाजार के पीछे
तथा चर्च के पीछे वाले क्षेत्र में जितने खेत हैं उन सभी में सैकड़ों की संख्या में सुअरों ने आतंक फैला रखा है। सुअरों का पूरा झुण्ड जिसमें लगभग 100 की संख्या होगी, वे एक खेत के किनारे की सारी फसल को गीली मिट्टी में गिरा दिए हैं और सारे धान पैरा में भी तब्दील हो गए हैं। सूखे खेतों में इनका हमला नहीं दिख रहा है, जो खेत गीले हैं, उसी खेत को ही निशाना बना रहे हैं। सुअरों के आतंक से इस क्षेत्र के कई एकड़ धान की फसल बर्बाद हो गए हैं। सभी किसानों ने सुअरों की रोकथाम के लिए नगर पालिका से शिकायत किए हैं। एसडीएम एवं कलेक्टर से भी शिकायत की बात कही है।
मुआवजा देने की मांग
किसानों के मुताबिक सुअर वहीं वार्ड के मवेशी बाजार के पीछे रहते हैं, जिनमें 100 से भी अधिक संख्या है। सुअर नालियों में तो रहते ही है, वही खेत गीली होने की वजह से वहां पर मिट्टी में खेलते है। जिसकी वजह से उस क्षेत्र का पूरा फसल बर्बाद हो रहा है। किसानों को पालिका क्षेत्र में रहने वाले सुअर की व्यवस्था करवाने की मांग किए है तथा उनके फसल को हुए नुकसान की भरपाई की भी मांग विभाग से की गई है। सुअरों के आतंक को रोकने के लिए अब तक किसी प्रकार की पहल नहीं हुई है, जिसका नतीजा है कि सुअर, खेत खलिहानों व बाड़ी में अपना डेरा जमाए हुए है। विभाग से इस और ध्यान देने मांग किसान कर रहे है।





























