महासमुंद : डाइट डी आर जी प्रशिक्षण में शामिल हुए सरायपाली के शिक्षक

महासमुंद डाइट में चार दिवसीय डीआरजी प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। जिसमें बच्चों को भाषाई ज्ञान और संख्यात्मक ज्ञान की अवधारणा को समझाने के लिए प्रशिक्षण दिया गया।कार्यक्रम के समापन समारोह के मुख्य अतिथि जिला शिक्षा अधिकारी मोहन राव सावंत, संचालक सतीश नायर, संयुक्त संचालक नंदू सिन्हा, डाइट प्राचार्य मीना पाणिग्राही, वरिष्ठ व्याख्याता अरुण प्रधान, व्याख्याता राजेश चंद्राकर, सहायक शिक्षक ईश्वर चंद्राकर की उपस्थिति में संपन्न हुआ। सभी डीआर जी को प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया।इस प्रशिक्षण में सरायपाली सहित जिले के पांच विकासखंड से 45 डीआरजी साथी डाइट महासमुंद के आदेशानुसार राज्य स्तर के एस आरजी साथियों द्वारा प्रशिक्षण दिया गया।जिसमें एपीसी सम्पा बोस, कविता देवांगन, प्रताप नारायण दास ,डोमार वैष्णव, मधु साहू ,शीला विश्वास और महासमुंद जिले के एफएलएन प्रभारी कमलेश पाण्डेय के मार्गदर्शन में सभी डीआरजी प्रशिक्षार्थियों को बुनियादी साक्षरता भाषाई ज्ञान एवं गणितीय कौशल को सरल से सरल समझ बच्चों में किस प्रकार बनाया जाए पर प्रशिक्षण दिया गया। छत्तीसगढ़ शिक्षा विभाग के विभिन्न योजनाओं में एफएलएन एवं नवाजतन के माध्यम से बच्चों को चुनौती देकर शिक्षा को सरल बनाया जाए इस पर विचार विमर्श किया गया।साथ ही तीन से आठ वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को किस प्रकार से बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान दिया जाए इस पर फोकस किया गया।इस प्रशिक्षण में सरायपाली विकासखंड के डीआरजी किशोर पटेल,घनश्याम दास, कोमल प्रसाद चौधरी, ऋषि प्रधान, किशोर पंडा, श्रवण कुमार प्रधान, नानदाऊ पटेल, दुर्वादल दीप ,आशाराम पटेल ने चार दिवसीय गतिविधि में भाग लिया। जमीनी स्तर पर एफएलएन के लक्ष्य को प्राप्त कर कमजोर बच्चों को बुनियादी दक्षता हासिल करना है। एन ई पी 2020 में दिए गए समस्त दक्षताओं को प्राप्त करना लक्ष्य है। सभी डी आर जी विकासखंड स्तर पर दृढ़ संकल्पित हैं।


























