ड्राइवर संघ द्वारा रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन



सरायपाली (काकाखबरीलाल).हिट एंड रन कानून के विरोध में आज सरायपाली ड्राइवर संघ द्वारा रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन किया गया। इस दौरान उन्होंने इस कानून के विरोध में जमकर नारेबाजी भी की।
गौरतलब है कि बीते सप्ताह लोकसभा में तीन कानून पास हुए हैं, जिसमें एक हिट एंड रन कानून की सजा में बदलाव किया गया है। इसके अनुसार यदि कोई वाहन चालक दुर्घटना कर अगर मौके से भागता है तो ऐसी स्थिति में 10 साल तक की सजा या 10 लाख रूपए के जुर्माने का प्रावधान होगा। इसको लेकर वाहन चालक विरोध पर उतर आए हैं और आगामी 2 जनवरी कानून वापस न होने की स्थिति में 3 से हड़ताल की बात कही जा रही है। यदि वाहनों के पहिए थम जाते हैं तो सभी ओर विकट परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है।
संघ के ब्लॉक अध्यक्ष भानू शंकर जोशी ने बताया संघ के प्रदेश अध्यक्ष संजीव देहरी के निर्देशन में पूरे प्रदेश में इस नए कानून के विरोध में रैली निकाली गई है और विरोध प्रदर्शन किया गया है। इसी कड़ी में सरायपाली में भी आज सुबह 7 बजे से सैकड़ों की संख्या में ड्राइवर संघ के वाहन चालक रैली की शक्ल में निकले और विभिन्न चौक चौराहों से होते हुए जयस्तंभ चौक पर एकत्र हुए और कानून के विरोध में जमकर नारेबाजी की।
आगे उन्होंने बताया कि सभी वाहन चालकों को अपने- अपने मालिक के यहां वाहनों को जमा करने एवं सुरक्षित अपने-अपने घरों में रहने के लिए कहा गया है। साथ ही वाहन चालकों के द्वारा शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने तथा किसी भी प्रकार का चक्का जाम, हड़ताल नहीं करने तथा किसी भी सरकारी संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचाने की बात कही गई है। वे केवल अपना स्टेरिंग छोड़कर अपने घर में रहेंगे और जब तक यह नया कानून वापस ना हो जाए, तब तक वे वाहन नहीं चलाएंगे। फिलहाल शासन को 2 जनवरी तक का समय दिया गया है, यदि इसी बीच कोई समझौता नहीं हुआ तो 3 जनवरी से सभी वाहन चालक हड़ताल पर चले जाएंगे।
ड्राइवरों की सुरक्षा के लिए भी हो कानून
नवभारत से चर्चा में वाहन चालकों ने कहा कि कोई भी ड्राइवर जानबूझकर किसी का एक्सीडेंट नहीं करता, किंतु अनजाने में एक्सीडेंट होने के बाद यदि ड्राइवर मौके से फरार नहीं होता है तो ऐसी स्थिति में भीड़ ड्राइवर के साथ कुछ भी अनहोनी कर सकती है। इसी आशंका को देखते हुए ड्राईवरों को वाहन छोड़कर वहां से निकल जाना ही उचित प्रतीत होता है। यदि सरकार वाहन चालकों के लिए इस तरह का कठोर कानून बना रही है तो उन्हें ड्राइवरों की सुरक्षा के लिए भी कोई कानून बनाना चाहिए।
चालकों की हड़ताल से सभी को होगी परेशानी
ड्राईवर संघ की हड़ताल होने पर निजी वाहन स्वामियों के साथ-साथ व्यवसायियों, यात्रियों, आमजनों सभी को बहुत अधिक परेशानियों को सामना करना पड़ेगा। ट्रकों के पहिए थमने पर जहां आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति रूक जाएगी, वहीं यदि बस नहीं चले तो यात्रियों का आना जाना बंद हो जाएगा। डीजल, पेट्रोल, राशन, सब्जी, एंबुलेंस सेवा, स्कूल बस आदि कई तरह की सेवाएं प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। यदि शासन और वाहन चालकों के मध्य कोई समझौता नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में विकट स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

























