छत्तीसगढ़

वैज्ञानिक पहुंचे ‘प्लैनेट 9’ की खोज कि ओर ….

हमारे सौरमंडल का नौवां ग्रह हमेशा से ही वैज्ञानिकों और पृथ्वीवासियों के लिए एक अनसुलझी पहेली रहा है। प्लूटो को 2006 में नौवें ग्रह के तौर पर खारिज कर दिया गया था, यह कहकर कि ग्रह के रूप में यह बहुत छोटा है। किसी को उम्मीद नहीं थी कि करीब 15 साल बाद एक नया ग्रह प्लूटो की जगह लेगा। हालांकि अभी यह पूरी तरह से साबित नहीं हुआ है लेकिन वैज्ञानिकों को सौर मंडल में नौवें ग्रह के शुरुआती सबूत मिले हैं।

और ज्यादा करीब हो सकता है प्लैनेट 9
सौरमंडल के Planet 9 को लेकर शुरुआती थ्योरी आसपास की चीजों के प्रति ग्रह के गुरुत्वाकर्षण बल पर आधारित थी। हालांकि इसके ग्रह होने का कोई सबूत नहीं मिला। अब एक ताजा अनुमान बताता है कि हमारे सौर मंडल का नौवां ग्रह पहले की तुलना में और ज्यादा स्पष्ट हो गया है। इससे पहले अनुमान लगाया गया था कि ‘प्लैनेट 9’ सूर्य का एक चक्कर 18,500 सालों में पूरा करता है। नई रिसर्च इस अनुमान को घटाकर 7,400 साल कर देता है। यह सुझाव देता है कि ग्रह पृथ्वी और सूर्य के और ज्यादा करीब हो सकता है।
ग्रह की खोज में लगेगा अभी समय
कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के माइक ब्राउन और कॉन्स्टेंटिन बैटगिन ने इस नई रिसर्च को अंजाम दिया है। इसे Astronomical Journal में प्रकाशित होने की अनुमति भी मिल चुकी है। NatGeo के साथ बात करते हुए ब्राउन ने दावा किया है कि ‘प्लैनेट 9’ की खोज होने में अभी कुछ साल बाकी है। गुरुत्वाकर्षण की जांच करने पर वैज्ञानिकों ने पाया कि यह ग्रह पृथ्वी से छह गुना बड़ा हो सकता है। लेकिन यह तय करना मुश्किल है कि यह पृथ्वी की तरह चट्टानी है या Neptune जैसी भारी गैसों की मिश्रण।
बदल सकती है सौर मंडल में ग्रहों की संख्या
अगर इस ग्रह को सौर मंडल के नौवें ग्रह के रूप में मान्यता मिलती है तो यह कई तरह से हमारी समझ को बदल देगा। सौर मंडल में ग्रहों की संख्या एक बार फिर नौ हो जाएगी। प्लूटो से पहले Neptune (वरुण) 1846 में हमारे सौर मंडल के रोस्टर में शामिल किया गया था। अंतरिक्ष विज्ञान की खोज में गुरुत्वाकर्षण कई तरह से वैज्ञानिकों की मदद करता है। इसका संबंध सूर्य की परिक्रमा करने से होता है।

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काका खबरीलाल

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