
मगरलोड के ग्राम राजाडेरा में संचालित निजी गौशाला के मामले में जिला प्रशासन द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई
काका खबरीलाल, धमतरी 26 दिसम्बर 2017
मगरलोड विकासखण्ड के ग्राम राजाडेरा में जंगल के किनारे संचालित निजी गौशाला की गायों की मृत्यु के मामले में कलेक्टर डाॅ. सी.आर. प्रसन्ना ने त्वरित संज्ञान लेते हुए अनुविभागीय अधिकारी कुरूद को निर्देशित किया था। प्रकरण की जांच के लिए एसडीएम कुरूद के नेतृत्व में जांच दल मौके पर भेजा गया, साथ ही पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों तात्कालिक तौर पर शेष जीवित गायों का स्वास्थ्य परीक्षण करने और उनके रखरखाव की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश कलेक्टर ने दिए। मृत गायों का पोस्ट माॅर्टम कराने के भी निर्देश दिए गए हैं, जिसकी रिपोर्ट आने पर मृत्यु के वास्तविक कारणों की जानकारी मिल सकेगी। जांच दल द्वारा 37 गौवंशों की मृत्यु की पुष्टि की गई है। उक्त निजी गौशाला संचालक के विरूद्ध अपराध कायम करते हुए मगरलोड पुलिस ने धारा 429 और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम-1960 की धारा-11 के तहत कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार किया गया है।
एसडीएम कुरूद के नेतृत्व में गठित जांच दल से प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर यह जानकारी सामने आई है कि वेदमाता गायत्री कामधेनु व प्रायवेट जैविक अनुसंधान केन्द्र के नाम से ग्राम राजाडेरा में 1.34 हेक्टेयर भूमि में गौशाला का संचालन गरियाबंद जिले के ग्राम कोपरा निवासी श्री मनहरण साहू पिता श्री खोरबाहरा साहू द्वारा वर्तमान में किया जा रहा है। जांच प्रतिवेदन में स्पष्ट किया गया है कि उक्त गौशाला न तो शासन से पंजीकृत है और न ही किसी प्रकार का अनुदान प्राप्त है। निरीक्षण के दौरान जांच दल ने यह पाया कि लगभग 30-32 गौवंशीय मवेशियों के शव सड़ी-गली अवस्था में पाए गए जिनमें से कुछ को पोस्टमार्टम कराने के लिए भेजा गया। पशु चिकित्सा विभाग के चिकित्सक द्वारा शेष गायों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उनकी समुचित सुरक्षा, पानी, चारे और सुरक्षित शेड की व्यवस्था तात्कालिक तौर पर की गई। एसडीएम कुरूद ने घटना की विस्तृत जांच के लिए तहसीलदार मगरलोड को निर्देशित कर सात दिनों के भीतर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने कहा गया है। मौके पर उपस्थित ग्राम पटेल श्री टकेश कुमार ध्रुव के आवेदन के आधार पर थाना प्रभारी मगरलोड द्वारा गौशाला संचालक श्री साहू के विरूद्ध धारा 429, भारतीय दण्ड विधान एवं पशु क्रूरता निवारण अधिनियम-1960 की धारा-11 (ड,ज,झ) के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई कर उन्हें जेल अभिरक्षा में रखा गया है। प्रकरण के संबंध में मृत मवेशियों का पोस्टमाॅर्टम किया जा रहा है, जिसकी रिपोर्ट आने पर ही मृत पशुओं की मृत्यु के वास्तविक कारणों का खुलासा होगा। एसडीएम ने गौशाला में रखे गए जीवित मवेशियों के लिए चारा-पानी एवं अस्थायी शेड का निर्माण करने के लिए ग्राम पंचायत परसाबुड़ा के सरपंच एवं सचिव को निर्देशित किया है। जांच दल द्वारा यह भी बताया गया कि जिन गायों एवं बछड़ों की मृत्यु हुई है, वे संभवतः मौसम परिवर्तन के चलते ठंड बढ़ने की वजह से हो सकती है। कलेक्टर ने शेष बची गायों की उचित देखभाल करने तथा उनका स्वास्थ्य परीक्षण कर सतत् निगरानी में रखने के निर्देश पशुपालन विभाग के उप संचालक को दिए हैं।
























