महासमुंद : किसानों के बिजली बिल का 8 लाख रुपए लेकर ऑपरेटर फरार

महासमुंद( काकाखबरीलाल). कोमाखान क्षेत्र के 400 से अधिक किसानों के बिजली बिल का लगभग 8 लाख 40 हजार रुपए लेकर सीएससी पॉइंट ऑपरेटर फरार हो गया है। इसके चलते उपभोक्ता परेशान हैं।
किसानों की लगातार शिकायत के बाद विद्युत विभाग ने इसकी शिकायत पुलिस से की तो उस समय तक लगभग केवल 2 लाख के गबन का पता चला था। अब राशि दो लाख से बढ़कर 8 लाख से ज्यादा हो चुकी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार उक्त ऑपरेटर का नाम राकेश रात्रे है और वह रायपुर जिले के अभनपुर का निवासी है। वह सीएससी के पॉइंट के आईडी के साथ यह कार्य कर रहा था। कोमाखान सर्किल के बिजली ऑफिस में बिजली बिल जमा करने के लिए बकायदा काउंटर पर बिठाया गया था। उसके द्वारा सितंबर-अक्टूबर 2022 की राशि को विभाग के खाते में जमा ना करते हुए खुद लेकर फरार होने की बात कही जा रही है। बिजली बिल की राशि पुन: किसानाें के बिल में जुड़कर पहुंची तो किसान बिल लेकर विद्युत विभाग पहुंचने लगे। तब जाकर इस मामले का खुलासा हुआ। विभागीय जानकारी के अनुसार 400 से अधिक किसानों के बिजली बिल की लगभग 8 लाख 40 हजार रुपए राशि का पता चला है। यह भी उन उपभोताओं व किसानों की राशि है, जो शिकायत करने पहुंचे हैं। जबकि, अभी कई लोगों की शिकायतें प्राप्त नहीं हो पाने की बात भी कही जा रही है। बता दें कि ऑपरेटर राकेश रात्रे द्वारा सीएससी पे पॉइंट के माध्यम से बिजली ऑफिस में बैठकर जिले में 3 स्थानों पर बिजली बिल कलेक्शन का कार्य किया जा रहा था। झलप एवं पटेवा के एक सेंटर से 704 उपभोक्ताओं के लगभग 7 लाख रुपए और दूसरे में से 112 उपभोक्ताओं के लगभग 91 हजार रुपए की हेराफेरी की बात सामने आ रही है। सहायक अभियंता अभिषेक शर्मा ने कहा कि इसकी सूचना तत्काल कोमाखान पुलिस को दे दी है। ऑपरेटर के खिलाफ एफआईआर करने का निवेदन भी किया है। जिस समय विद्युत विभाग द्वारा शिकायत की गई, उस समय तक केवल दो लाख रुपए गबन का पता चला था। अब यह राशि लगभग 400 से अधिक किसानों की 8 लाख के आंकड़े को पार कर चुकी है।
प्रभारी एसडीओपी बागबाहरा राजेश देवांगन ने बताया कि वर्तमान में मैं अभी बागबाहरा विभाग के प्रभार पर हूं। थाना प्रभारी कोमाखान द्वारा मिली जानकारी के अनुसार उक्त मामले की शिकायत मिलते ही इस विषय में विधिक सलाह के लिए डीपीओ कार्यालय को पत्र प्रेषित किया गया है। क्योंकि, यह जनहित और सामान्य जनता की धनराशि का मामला है। मामले को ध्यान में रखते हुए पुलिस विभाग इस पर शीघ्र कार्रवाई के लिए तत्पर है। डीपीओ से सलाह मिलने के बाद विभाग द्वारा कार्रवाई की जाएगी।
























