
रामकुमार नायक काका ख़बरीलाल
महासमुंद :- जिला योजना समिति के सदस्य एवं कांग्रेस पार्षद विजय ने साव ने कहा कि पार्षदों के वेतनवृद्धि को लेकर सरकार कोई ठोस फैसला नहीं ले रही है। महज 25 सौ रुपए वेतन देकर सरकार पार्षदों को शर्मिंदा कर रही है। इधर, सांसद, विधायकों, संसदीय सचिव को एक लाख रुपए से अधिक वेतन मिल रहे हैं। सरकार द्वारा पार्षदों की वेतनमान बढ़ाए जाने को लेकर विचार करने की जरूरत है।
श्री साव ने कहा कि जनता अपनी समस्याओं को लेकर पार्षदो एवं ग्राम पंचायतों में सरपंचो के समक्ष आते हैं। विधायक व सांसद के समीप समयाभाव
होने के कारण कम ही जनता रूबरू हो पाते हैं। ऐसे में पार्षद ही अपने क्षेत्रीय समस्याओं के निराकरण के लिए सक्रिय रहते हैं। वार्डो में नागरिकों के नल कनेक्शन, आवास, पेंशन, राशन कार्ड जैसे तमाम छोटी-बड़ी समस्याओं के निराकरण के लिए पार्षदों का सहयोग रहता है। वहीं सरकार द्वारा मंत्री से लेकर विधायकों का वेतनमान में लगातार वृद्धि की जा रही
है। जहां पूर्व में विधायकों को 75 हजार रुपए वेतन मिलते थे। अब तक 1 लाख 10 हजार रुपए मिल रहे हैं। विधायक निधि लाखों रूपए मिलते हैं। इसी प्रकार
सांसद व संसदीय सचिवों के वेतनमान में वृद्धि की गई। पिछले 6 वर्ष में सांसदों का वेतन 4 गुना बढ़ा है। हाल में वित्त मंत्री द्वारा जारी बजट
में सांसदों के लिए भत्तों का पिटारा खोल दिया है। अब मंत्रियों को 1 लाख 30 हजार रुपए तक मासिक वेतन मिल रहा है। लेकिन, जन सेवक के रूप में
पांच वर्ष तक डटे रहने वाले पार्षदों की लगातार उपेक्षा हो रही है। पार्षदों को वर्ष में मात्र 3 लाख रुपए पार्षद निधि मिलता है। ऐसी स्थिति में वे भला अपने वार्ड का विकास कैसे करा सकते हैं। विजय साव ने कहा कि पार्षदों को 10 हजार रुपए तक मासिक वेतनमान मिलना चाहिए साथ ही पार्षद निधि 15 लाख रुपए दिया जाना चाहिए। श्री साव ने कहा कि वेतनमान व पार्षद निधि की मांग को लेकर जल्द ही जिले के सभी नगरपालिका व नगर पंचायत
अध्यक्षों व पार्षदों से मुलाकात चर्चा की जाएगी। बाद शासन- प्रशासन को सीएम डॉ रमन सिंह के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा।
























