महासमुंद : टमाटर फिर हो गया “लाल’

स्थानीय बिन्नी बाई सब्जी मार्केट में खरीदारी करते लोग।
सब्जियों के दाम एक बार फिर आसमान छू रहे हैं। 15 दिन पहले जो सब्जी 20 से 25 रुपए किलो मिल रहे थे, वे अब सीधे 50 के पार हो गए है। वहीं टमाटर भी लाल हो गया है। 10 रुपए मिलने वाला टमाटर 40 रुपए प्रति किलो में बिकने लगा है।
दाम बढ़ते ही थालियों से टमाटर की चटनी नहीं दिख रही है। सब्जियों के बढ़े दाम से लोग टमाटर से अपना काम चला रहे थे, लेकिन उसके दाम बढ़ने से एक बार फिर बोझ बढ़ गया है। कीमत बढ़ने का कारण कई राज्यों में बारिश से आई बाढ़ है। इस कारण सब्जियां समाप्त हो गई हैं। बाढ़ के कारण पूरी सब्जी फसल फसल बह गई है।
यही कारण है कि अन्य राज्यों से न तो सब्जियां आ रही है और ना ही टमाटर। इधर, लोकल आवक भी बेहद कम है। इसकी वजह से दाम बढ़ गया है। सब्जी संघ के अध्यक्ष संतोष चंद्राकर का कहना है कि बाढ़ की वजह से ऐसी स्थिति निर्मित हुई है। लोकल सब्जियां व टमाटर पर्याप्त नहीं है।
स्थानीय मार्केट में ये है सब्जियों की कीमत
जानकारी के अनुसार बाजार में लौकी 40, पत्तागोभी 50, करेला 60, बरबट्टी 40, ग्वांरफल्ली 60, धनिया पत्ती 200 रुपए किलो, मिर्ची 60 रुपए, परवल 40, शिमला मिर्च 60, बैगन 60 रुपए किलो के भाव से बिक रहा है।
अभी 15 दिन और करना होगा इंतजार
सब्जियों के दाम अभी 15 दिन और बढ़े रहेंगे। क्योंकि लोकल आवक की मात्रा बढ़ेगी। वहीं अन्य राज्यों से भी सब्जियों की आवक बनेगी। व्यापारियों के साथ ही ग्राहकों को आगामी अक्टूबर माह से बाजार में शुरू होने वाले स्थानीय आवक का इंतजार है, क्योंकि स्थानीय आवक शुरू होने के साथ ही दाम में गिरावट आएगी, जिससे उन्हें राहत मिलेगी।



















