जिले के सरपंच पति ने कहा हमें सचिव की जरूरत नहीं और खाते से निकाले ५० हजार

दिलचस्प बात यह है कि अब ग्राम पंचायत सचिव को गांव में घुसने भी नहीं दे रहे हैं। जिसके चलते गांव का पूरा काम काज सरपंच पति ही देख रहा है। ग्राम पंचायत के सचिव ने कलेक्टर से शिकायत करते हुए कहा है कि गांव में महिला सरपंच पति की मनमानी है। सरपंच पति ने मनमानी पूर्वक कार्य करते हुए लाखों रुपए का भ्रष्टाचार किया है। सचिव ने बताया कि विडंबना यह है कि ग्राम पंचायत का सचिव वित्तीय अधिकारी होते हुए भी मस्टररोल में उसकी दस्तखत के बिना करोड़ों रुपए की राशि का आहरण कर लिया गया है। जबकि यह गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। लेकिन कलेक्टर से शिकायत के बाद भी बड़ी कुर्सियों में बैठे अधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं। सचिव ने बताया कि मनरेगा योजना में लाखों रुपए की गड़बड़ी हुई है लेकिन शिकायत के बाद भी अधिकारी चुप्पी साधे बैठे हैं। जबकि वास्तविकता की जांच के लिए भौतिक सत्यापन कराया जाए तो सच सामने आ जाएगा।
परिजनों व पंचों के नाम मस्टरोल
सचिव ने आरोप लगाया कि सरपंच पति ने गांव के जितने भी पंच व पंच पति हैं उनका नाम मस्टररोल में डाल दिया है। इतना ही नहीं रोजगार सहायक, सरपंच, सरपंच पति, पंचगण, अपने सभी रिश्तेदार, ज्योति चंद्रा, धनाराम साहू, उत्तरा साहू, संतोष साहू, उत्तरा चंद्रा जैसे जाने माने लोगों का नाम से कागजों में मजदूरी कराकर उन्हें लाखों का भुगतान कर दिया है। इसके अलावा कई फर्जी मस्टररोल बनाकर शासकीय राशि का आहरण किया है। जो गबन की श्रेणी में आता है। मस्टररोल में सिर्फ रोजगार सहायक लखन लाल साहू, एवं सरपंच नंदेश्वरी साहू का ही हस्ताक्षर है। सचिव ने बताया कि मस्टर रोल में मेट व मजदूरों का हस्ताक्षर भी फर्जी तौर पर किया गया है।
नियम का दिया हवाला
ग्राम पंचायत का सचिव कुमार साय चौहान ने बताया कि पंचायत राज अधिनियम की धारा ६९/१ में साफ-साफ लिखा है कि ग्राम पंचायत में सचिव ही गांव का अधिकारी होता है। ग्राम पंचायत के किसी भी कागजात में उसके दस्तखत के बिना कोई सरकारी रिकार्ड मान्य नहीं है। जबकि रोजगार सहायक लखन लाल साहू एवं महिला सरपंच नंदेश्वरी साहू के द्वारा लाखों रुपए का कार्य कराकर आहरण कर लिया है।
गांव में प्रवेश वर्जित
गांव के सरपंच ने सचिव के गांव के प्रवेश पर वर्जित कर दिया है। सचिव ने बताया कि सरपंच पति ने तो यहां तक कह दिया है कि यदि सचिव गांव आएगा तो उन्हें जूतों से मारा जाएगा। भय की वजह से वह गांव नहीं जा पा रहा है। सूत्रों का यह भी कहना है कि अब उसका स्थानांतरण सरपंच के द्वारा अन्यत्र कराया जा रहा है। ताकि गांव में भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल सके और सरपंच पति की दबंगई चलती रहे।
– वर्जन
ग्राम पंचायत किरीत में सरपंच -सचिव विवाद मामले की शिकायत मिली है। जिसकी जांच भी की जा रही है।
-मोहनीष आनंद देवांगन, सीईओ























