क्षेत्र में ‘मां के हाथ का खाना’ देने के एक आइडिया ने दो साल में बना दी 25 लाख रुपए मुनाफे की कंपनी

महानगरों में स्टार्टअप के जरिये एक अलग मुकाम हासिल करने की खबरें तो आती रहती हैं। अब छत्तीसगढ़ के बस्तर जैसे नक्सल इलाकों में भी स्टार्टअप से बदलाव का दौर शुरू हो चुका है। आज हम ऐसे ही मॉम्स फूड नाम के स्टार्टअप की स्टोरी सामने ला रहे हैं, जिन्होंने नक्सली क्षेत्र में न सिर्फ अपना नाम स्थापित किया बल्कि दो साल में ही 25 लाख के टर्नओवर वाली कंपनी भी खड़ी कर दी। कंपनी के प्रमोटर 25 साल के मनोज साहू हैं। आज मॉम्स फूड का काम प्रदेश के तीन शहरों जगदलपुर, बिलासपुर और अंबिकापुर में चल रहा है और इनके पास 3 हजार एक्टिव कस्टमर हैं।
ऑनलाइन ऑर्डर लेने खुद की वेबसाइट तैयार की
मम्मी के हाथ का बना खाना बेचने के लिए इनकी खुद की वेबसाइट themomsfood.com है, जिस पर ऑर्डर बुक होते हैं। इनकी कंपनी में 75 ‘मॉम्स’ हैं जो अपने घर से ही खाना बनाकर अच्छी-खासी कमाई कर रही हैं। इनकी हर महीने की कमाई 10 से 50 हजार तक है। वहीं 75 लोग डिलीवरी और बाकी कामों के जरिए रोजगार पा रहे हैं। यानी मॉम्स फूड करीब 150 लोगों को रोजगार भी दे रहा है।
पढ़ाई के दौरान प्रोफेसरों से लेकर छात्रों को खाना सप्लाई करना शुरू किया
मैं अंबिकापुर का रहने वाला हूं। माइनिंग में इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए 2015 में जगदलपुर आया। यहां किराये के मकान में रहता था। यहां एक आंटी रहती थीं। बातों ही बातों में आंटी मुझे तीन टाइम खाना देने के लिए तैयार हो गईं। घर के खाने के स्वाद की जानकारी मैंने कॉलेज के दूसरे दोस्तों को दी तो उन्होंने भी आंटी से खाना दिलवाने की बात कही। पढ़ाई करते-करते ही मैं कॉलेज में प्रोफेसरों से लेकर छात्रों को खाना सप्लाई करने लगा। 2019 इंजीनियरिंग के बाद नौकरी में मन नहीं लगा तो इसी काम को आगे बढ़ाने का सोचा। बिलासपुर से इंजीनियरिंग करने वाले दोस्त विकास गुप्ता दूसरे डायरेक्टर के तौर पर साथ आए और हम आगे बढ़े। कंपनी को असली ग्रोथ 2021 में मिली, जब हम थिंक-बी से जुड़े। बस्तर कलेक्टर रजत बंसल ने युवा उद्यमियों के लिए थिंक-बी नाम से संस्थान शुरू किया है। यहां उद्यमियों को टाटा जैसी कंपनी बिजनेस को ग्रोथ करने और आइडिया फिल्टर करने में मदद करती है।” -मनोज साहू, फाउंडर-डायरेक्टर, मॉम्स फूड
33 हजार से शुरुआत, आज 25 लाख का टर्नओवर
2 करोड़ रुपए की वैल्यूएशन वाली इस कंपनी की शुरुआत हमने 2019 में 33 हजार से की थी। आज माॅम्स फूड का सालाना टर्नओवर 25 लाख रुपए है। थिंक-बी के जरिए 20 लाख की फंडिंग भी मिलने वाली है। हम इसे पूरे राज्य और फिर पूरे देश में फैलाएंगे।























