बारात की तैयारियों के बीच परिवार के मुखिया ने दी जान

छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में एक अनूठा वाकया पेश आया है। हुआ कुछ यूं है कि एक ओर अपने परिवार के मुखिया की अन्त्येष्टि की रस्म, दाह संस्कार के बजाय सादगी से दफना कर किया तो दूसरी ओर वधू पक्ष का मान भी घटने नहीं दिया। सादगी पूर्वक कुछ लोगों की बारात ले जाकर बहू की विदाई कराई। मामला डौण्डी ब्लाक के ग्राम खैरवाही का है। विश्वकर्मा परिवार में पोते के विवाह की तैयारियां अंतिम चरण में थीं। खैरवाही से बारात दल्लीराजहरा के समीप ग्राम खम्हार टोला जानी थी। बारात निकलने से ठीक पहले दूल्हे के दादा 65 वर्षीय चैतराम ने अपने कमरे के मयार पर फंदे से लटक कर आत्महत्या कर ली। घटना का पता रात्रि एक बजे चलने पर परिवार में मातम छा गया।अशोक विश्वकर्मा को अपने बेटे की खुशी और पिता के खुदकुशी का गम दोनों एक साथ झेलना पड़ रहा है। अशोक विश्वकर्मा के बेटे का विवाह खम्हार टोला की सपना के साथ सम्पन्न हुआ है। विवाह पूर्व अकस्मात घटी खुदकुशी की घटना के बाद परिवार ने समझदारी का परिचय देते हुए एक और अपने परिवार के मुखिया का अंतिम संस्कार किया और दूसरी ओर विवाह भी सादगी के साथ संपन्न कराया। परिस्थितियों को देखते हुए परिवार ने अग्नि संस्कार के बजाय शव को दफनाने का निर्णय लिया ताकि बुजुर्ग की अंतिम क्रिया सरलता पूर्वक सम्पन्न हो सके। अंतिम क्रिया कर्म पश्चात सादगी के साथ बारात व वैवाहिक कार्यक्रमों को भी संपन्न कराया। अशोक कुमार विश्वकर्मा ने बताया कि उनके पिता 65 वर्षीय चेतराम राजमिस्त्री का कार्य करने के दौरान तीन-चार वर्षों पूर्व दीवार से गिरकर चोटिल हो गए थे, जिससे वह परेशान रहते थे। डोंडी पुलिस ने मर्ग कायम कर मामला जांच में लिया है।























