सरायपाली : चकरदा में सामूहिक रूप से मनाया गया आंवली नवमी पर्व

सरायपाली (काकाखबरीलाल) . सरायपाली विकासखंड के अंतर्गत ग्राम चकरदा में पिछले अनेक साल से गांव के सभी लोग एक साथ सामूहिक रूप से आंवला नवमी मनाया जाता है, इसी कड़ी में आज सामूहिक आंवला नवमी मनाया गया ,जिसमे गांव के सभी लोगों के द्वारा हजारों की संख्या में लोग प्रसिद्ध नर्सरी मैदान में आंवला वृक्ष की पुजा के बाद प्रसाद ग्रहण करते हैं. ऐसी सामूहिक एकता काफी गिने चुने गांव में ही देखने को मिलता हैं. आंवला नवमी को लेकर ऐसी मान्यता है कि
कार्तिक शुक्ल पक्ष की नवमी से लेकर पूर्णिमा तक भगवान विष्णु आवंले के पेड़ पर निवास करते हैं। इसीलिए इस पेड़ की पूजा अर्चना की जाती है।
यह भी कहा जाता है कि इस दिन भगवान श्रीकृष्ण अपनी बाल लीलाओं का त्याग करके वृंदावन की गलियों को छोड़कर मथुरा चले गए थे।आंवला भगवान विष्णु का सबसे प्रिय फल है और आंवले के वृक्ष में सभी देवी देवताओं का निवास होता है इसलिए इसकी पूजा का प्रचलन है।आयुर्वेद के अनुसार आंवला आयु बढ़ाने वाला फल है यह अमृत के समान माना गया है इसीलिए हिन्दू धर्म में इसका ज्यादा महत्व है। काकाखबरीलाल टीम से चर्चा के दौरान हरिराम, कन्हैया भोई ने कहा कि आंवला नवमी का यह पर्व हमारे गांव में लोग धुुुम धाम से मनाया जाता है . गांव के लोग इस दिन एक साथ एकत्रित होते हैं जिससे सामाजिक एकता की छवि कायम होती है.






















