घर पहुंचने कि जिद मे जान जोखिम में डालकर नदी में छलांग लगा दी और फंस गया

(सुकमा काकाखबरीलाल).
कोरोना संक्रमण के चलते हुए लॉकडाउन के दौरान लोग अपनी जान हथेली पर रखकर घर पहुंचने की जद्दोजहद में लगे हुए हैं। घर पहुंचने की इसी आस में आंध्र प्रदेश से 250 किमी पैदल मजदूर सुकमा तक तो पहुंच गया, लेकिन यहां शबरी नदी ने उनका रास्ता रोक लिया। इस पर जान जोखिम में डालकर उसने नदी में छलांग लगा दी और फंस गया। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद उसे बचाया जा सका
जानकारी के मुताबिक, ओडिशा के मलकानगिरी निवासी 6 मजदूर आंध्र प्रदेश के जंगारेड्डीगुडम स्थित फाॅम ऑयल फैक्ट्री में काम करते हैं। लॉकडाउन में काम बंद हुआ ताे वह पैदल ही घर के लिए निकल पड़े। 250 किमी पैदल सफर कर छत्तीसगढ़ में सुकमा के कोंटा पहुंच गए, लेकिन यहां शबरी नदी घाट पर नाव बंद होने की जानकारी मिली। इस पर मजदूरों ने नदी में कूद पड़े। इनमें से 5 ताे तैरकर पार कर गए, लेकिन एक नदी में ही फंस गया। बीच नदी में झाड़ पकड़कर खुद को डूबने से बचाने में लगा रहा। इस दौरान नदी में नहा रही एक युवती ने स्थानीय निवासी को इसकी सूचना दी। इसके बाद आंध्र कल्लेर घाट पर मौजूद मछुवारे वहां पहुंचे और करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद उसे बचाया जा सका। मछुआरों ने मजदूरों को ओडिशा के मोटू क्वॉरैंटाइन केंद्र पहुंचाया है।

























