जिले के खेतों में रातों रात गायब हो रही रोपा की फसल, किसानों में मचा खलबली , कृषि वैज्ञानिक करेंगे निरीक्षण

दुर्ग जिले के खेतों में घट रही अजीब घटना ने किसानों में हड़कंप मचा दिया है। हो यह रहा है कि किसान दिन में धान का रोपा लगाते हैं, वह रात भर में गायब हो जाता है। रोपा लगाए पौधों का नामोनिशान नहीं रहता है। किसानों को आशंका है कि यह किसी विशेष प्रजाति के पक्षियों के झुंड का काम है। अब सोमावर को कृषि वैज्ञानिक इसकी जानकारी लेने के लिए जाने वाले हैं। किसान ग्रीष्मकालीन धान की फसल का रोपा लगा रहे हैं। रातभर में वह रोपा तबाह हो जाता है। दूसरे दिन सुबह खेत की हालत देखकर किसान सकते में आ जाता है। क्योंकि खेत में रोपाई किए एक पौधा भी नहीं रहता।पाटन क्षेत्र का सबसे बड़ा गांव केसरा की घटना
ग्राम केसरा में किसान बड़ी तादाद में ग्रीष्मकालीन धान की फसल लेते हैं। यह पाटन क्षेत्र का सबसे बड़ा गांव हैं। किसानों ने बताया कि इस तरह की समस्या पहले कभी नहीं आई थी। वे वर्षों से ग्रीष्मकालीन धान लगा रहे हैं। इस घटना से गांव में हड़कंम मचा हुआ है। किसान हलाकान हो रहे हैं कि आखिर पौधों को जमीन खा गई या आसमान निगल गया।अब किसान रोपा लगाने के बाद फसल बचाने रात में रखवाली करने जा रहे हैं। हर रात अलग-अलग एरिया में यह घटना घट रही है। किसान चिंतित हैं आखिर फसल को कौन तबाह कर रहा है। कुछ किसान बीती रात को अपनी फसल को देखने पहुंचे तो उस उस एरिया में वह घटना नहीं घटी। उस रात उस गांव के ही दूसरे एरिया में एक किसान के खेत लगा रोपा बरबाद हो चुका था।
कुछ किसानों का कहना है कि रात में पक्षियों का झुंड फसलों को नुकसान पहुंचा रहा है। किसान पक्षियों की आशंका में टीन टप्पर को बजा रहे हैं तो पटाखे भी फोड़ रहे हैं ताकि आवाज से पक्षी भाग जाए। कई किसान खेत के बीचों बीच पालिथीन की झंडी भी लगा रहे रहे हैं। लेकिन उन पक्षियों को किसी ने नहीं देखा है। रात के अंधेरे में आखिर वह कौन सी प्रजाती की पक्षी है जो फसलों को तबाह कर रही है।
बत्तख की आवाज जैसी सुनाई दी, संख्या सैंकड़ों में लग रही थी
गांव के किसान नोहर ने बताया कि एक रात्रि जब फसल चौपट हो गई तो दूसरी रात देखने के लिए खेत पहुंचा। रात्रि के समय स्पष्ट दिखाई नहीं दी लेकिन झुंडों में बत्तख की तरह आवाज सुनाई दी। पटाखा फोड़ते ही झुंड खेतों से उडऩे की आवाज आई। ऐसा लग रहा था कि पक्षी 300 से 400 की संख्या में है। लेकिन अंधेरे में स्पष्ट दिखाई नहीं देने के कारण पक्षी दिखाई नहीं दी।























