मानवाधिकार कार्यकर्ता केसरी नंदन सेन ने स्कूल नहीं खोलेने की मांग सरकार और शिक्षा विभाग से की

सरायपाली (काकाखबरीलाल).छत्तीसगढ़ में कोरोना के बढ़ते मामले आम जनमानस के लिए चिंता का विषय बना हुआ है । कोरोना का प्रसार रोकने के लिए किए जा रहे तमाम उपाय कारगर साबित नहीं हो पा रहे हैं और रोजाना आंकड़े बढ़ते जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ में 10,000 से अधिक कोरोना के एक्टिव के सामने आ चुके हैं ऐसे हालातों में 1 सितंबर से स्कूलों को खोलना काफी और अव्यवहारिक और मानव समाज को खतरे में डालने वाला साबित हो सकता है । इस आशय का बयान जारी करते हुए मानवाधिकार कार्यकर्ता केसरी नंदन सेन ने 1 सितंबर से स्कूल नहीं खोलेने की मांग सरकार और शिक्षा विभाग से की है। अखिल भारतीय मानवाधिकार निगरानी समिति के वरिष्ठ सदस्य केशरीनंदन सेन ने एक वक्तव्य जारी करते हुए कहा है कि छत्तीसगढ़ के कमोबेश सभी जिलों में कोरोना प्रभावित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है और यहां आंकड़ा 10 हजार से भी अधिक हो चुकी है ऐसे हालातों में स्कूल कालेजों को खोलने से कोरोना का संक्रमण तेजी से और बढ़ने की संभावना देखी जा रही है जिसका सीधा असर मानव समाज और मानव की जीवन रक्षा को लेकर किए जा रहे उपायों पर पड़ सकता है फ्रेंड ने बताया कि छत्तीसगढ़ में कोरोना इन दिनों काफी सक्रिय ढंग से बढ़ रहा है और प्रभावित लोगों की संख्या भी रोजाना नए नए आंकड़ों को छू रहा है इन परिस्थितियों में स्कूल कालेजों को खोलने के बाद बच्चों में भी कोरोना संक्रमण फैलने का अंदेशा है उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा है कि बच्चों और बुजुर्गों में कोरोना का संक्रमण फैलने का ज्यादा खतरा होने की बात अभी तक निकल कर सामने आई है और स्कूलों में एक साथ बच्चों को पढ़ाई के लिए बुलाए जाने के हालात में यह संभावना हमेशा बनी रहेगी मानवाधिकार कार्यकर्ता केसरी नंदन सेन ने अपने बयान में कहा है कि लोगों की सुरक्षा सरकारों की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। हम आपको बता देंगे सरकार ने 31 अगस्त तक स्कूल कालेजों को बंद रखने संबंधी आदेश जारी किया था लेकिन 1 सितंबर से स्कूल खुलेंगे या यह अवधि आगे बढ़ाई जाएगी इस संबंध में अभी तक कोई अधिकृत आदेश सरकार की ओर से जारी नहीं किया गया है ले आ जाओ श्री केसरी नंदन सेन ने सरकार से मांग की है कि 31 अगस्त तक स्कूलों को बंद रखने संबंधी आदेश को आगे बढ़ाया जाए जिससे कि छत्तीसगढ़ के स्कूली बच्चों में कोरोना का संक्रमण न फैले और बच्चे सुरक्षित हो सके। हम आपको बता दें कि छत्तीसगढ़ में कोरोना का संक्रमण शहरी क्षेत्र में तेजी से खेल रहा है जिसके बाद प्रशासन सहित आम लोग भी अलर्ट हो गए हैं।

























