243 लोगों ने किया नियमों का उल्लंघन, खुद के साथ दूसरों की जान डाली जोखिम में!

रायपुर(काकाख़बरीलाल)। कोरोना संक्रमण से बचाव के मामले में जिले की स्थिति बहुत अच्छी नहीं है। स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक अमला प्रयास जरूर कर रहा है, लेकिन हालात उम्मीद केमुताबिक सुधर नहीं रहे हैं प्रदेश के सर्वाधिक संक्रमित मरीजों वाले जिलों में रायपुर पहले नंबर पर है। जिले में मिले मरीजों के आंकड़ों में अन्य जिले काफी पीछे छुट गए हैं। रायपुर में मरीजों की संख्या 550 के पार पहुंच गया है। इसे लेकर प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग चिंतित है।
कोरोना संक्रमण से निपटने के उद्देश्य से प्रशासन कोरोना से बचाव के लिए जारी गाइडलाइन का पालन करने अपील कर रहा है, लेकिन अब भी लोग नियमों की अनदेखी कर खुद के साथ दूसरों की जान खतरे में डाल रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के कड़े निर्देश के बावजूद होम क्वारंटाइन में रहने वाले कोरोना संदिग्ध शहरभर में घूम रहे हैं। अभी तक कोविड-19 के नियमों के उल्लंघन मामले में पुलिस 243 लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज कर चुकी है। स्वास्थ्य विभाग के एक आला अधिकारी ने बताया कि दूसरे राज्यों से आने वाले लोगों को होम क्वारंटाइन में रहने के निर्देश दिए गए है, लेकिन वह इधर-उधर घुमते हुए मिलते हैं।
ऐसे ही जिन कोरोना संदिग्धों के सैंपल लिए गए हैं, उनको भी होम क्वारंटाइन में रहने के निर्देश दिए गए हैं लेकिन वह भी नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। गत दिनों एक नेता का पीएसओ कोरोना पॉजिटिव आया था। उसका सैंपल लेकर क्वारंटाइन में रहने के लिए कहा गया था, लेकिन वह शहरभर में घूम रहा था। बुधवार को फ्री वाले मिले थे, जो मोहल्लों में कई लोगों से मिले थे, जबकि उन्हें होम क्वारंटाइन में रहना था।प्राइमरी कांटेक्ट तलाशने में होती है परेशानी
होम क्वारंटाइन में रहने वाला संदिग्ध व्यक्ति की रिपोर्ट यदि पॉजिटिव आती है तो स्वास्थ्य विभाग को सबसे ज्यादा परेशानी पीड़ित के प्राइमरी कांटेक्ट को तलाशने में होती है। एम्स के पूर्व अधीक्षक डॉ. करन पीपरे का कहना है कि पीड़ित यह सोचता है कि संपर्क में आने वालों का नाम छिपाकर उनका भला कर रहे हैं, जबकि सच्चाई यह है कि वह अपनों के साथ-साथ सैकड़ों अन्य लोगों की जान से खिलवाड़ करते हैं। समय रहते यदि यह पता चल जाए कि मरीज किस-किस से मिला है और कहां-कहां गया है तो संदिग्धों का सपल जांच कर कोरोना के संक्रमण के फैलाव को काफी हद तक रोका जा सकता है।
होम क्वारंटाइन में रहने वाले के लिए गाइडलाइन स्वास्थ्य मंत्रालय की गाइडलाइन के मुताबिक, होम क्वारंटाइन के दौरान संदिग्ध का कमरा खुली हवा वाला होना चाहिए। कोशिश यह की जानी चाहिए कि परिवार का अन्य कोई सदस्य संपर्क में न आए। बुजुर्ग, गर्भवती महिलाओं, बच्चों से दूर रहे। घर में बिल्कुल न घुमे। किसी भी परिस्थिति में समारोह, शादी, पार्टी या घर से बाहर न निकलें। होम क्वारंटाइन में रहने वाले कमरे के अलावा घर की अन्य चीजों जैसे पानी के बर्तन, तौलिए आदि को बिल्कुल न छुएं। घर में सर्जिकल मास्क लगाकर रहे तथा उसे 6-8 घंटे में बदल लें।
कोविड 19 को फैलने से रोकने यह करें
साबुन से अच्छी तरह बार-बार हाथ धोएं
कोई खांस या छींक रहा है तो उससे दूरी बनाए रखें
अपनी आंखें, नाक या मुंह को न छुएं
सोशल डिस्टेंसिंग का सख्ती से पालन करें
खांसने या छींकने पर अपनी नाक और मुंह को कोहनी या टिश्यू पेपर से ढक लें
यदि बुखार, खांसी है, और सांस लेने में परेशानी हो रही है तो डॉक्टर के पास जाएं
























